लवणीय एवं क्षारीय भूमियों के पुनरूत्थान में कारगर वृक्षों की कुछ बहुउपयोगी प्रजातियां

SHARE:

भूमि की लवणता (salinity) एवं क्षारीयता (alkalinity) दूर करने के उपाय।

हरित क्रान्ति के फलस्वरूप खाद्यान्न उत्पादन में अभूतपूर्व वृद्धि के साथ ही अनेक समस्यायें भी पैदा हुई जिनमें भूमि क्षरण भी शामिल है। भूमि लवणता एवं क्षारीयता भी भूमि क्षरण का ही एक उदाहरण है। लवणीय एवं क्षारीय भूमियां अर्थव्यवस्था के लिए हानि हैं क्योंकि इस प्रकार की भूमियां फसल उत्पादन के योग्य नही होती है। लवणता एवं क्षारीयता सें प्रभावित भूमियों पर किसान लवण एवं क्षार रोधी वृक्षों की प्रजातियों का रोपण करके न केवल लवणीय भूमि का पुनरूत्थान कर सकते हैं अपितु इससे आर्थिक लाभ भी कमा सकते हैं।
लवणीय एवं क्षारीय भूमियों के पुनरूत्थान में कारगर वृक्षों की कुछ बहुउपयोगी प्रजातियां

-डॉ. अरविन्द सिं

भूमि लवणता एवं क्षारीयता देश की एक प्रमुख समस्या है। आंकड़े बताते हैं कि देश की लगभग 7 मिलियन हेक्टेयर भूमि लवणता (salinity) एवं क्षारीयता (alkalinity) से प्रभावित है जो कि देश की कुल भूमि के 2 से 13% क्षेत्रफल का प्रतिनिधित्व करती है। भूमि लवणता एवं क्षारीयता आमतौर से सिंचाई जल के कुप्रबंधन विशेषकर जल जमाव के कारण होती है। लगभग 40% लवणीय एवं क्षारीय भूमि का विस्तार उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा तथा पंजाब राज्यों में है जो कि हरित क्रान्ति के प्रमुख केन्द्र रहे हैं।

लवणीय भूमि वह भूमि होती है जिसमें घुलनशील लवणों की मात्रा ज्यादा होती है जो फसलों की वृद्धि एवं विकास को प्रभावित करती है। इस प्रकार की मृदा की विद्युतीय चालकता (electrical conductivity) 4 से ज्यादा होती है। विनिमेय सोडियम (exchangeable sodium) का प्रतिशत 15 से कम तथा pH मान 8.5 से कम होता है। लवणीय मृदा में सोडियम, कैल्शियम एवं मैगनिशियम के क्लोराइड एवं सल्फेट मुख्य घुलनशील नमक होते हैं।

क्षारीय भूमि में विनिमेय सोडियम की मात्रा 15 प्रतिशत से ज्यादा होती है जो फसलों के लिए हानिकारक साबित होती है। इस प्रकार की मृदा में घुलनशील लवणों की मात्रा बहुत ज्यादा नहीं होती है। क्षारीय मृदा की विद्युतीय चालकता 4 से कम होती है जबकि pH मान 8.5 से ज्यादा होता है।

लवणीय एवं क्षारीय भूमियां देश की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी क्षति है क्योंकि इससे मृदा की उत्पादकता प्रभावित होती है परिणामस्वरूप लवणीय एवं क्षारीय भूमियां बंजर या बेकार भूमि (wasteland) में तब्दील हो जाती है। बढ़ती आबादी को देखते हुए लवणीय एवं क्षारीय भूमियों का पुनरूत्थान समय की आवश्यकता है। लवणीय भूमि का जैविक पुनरूथान विधि सबसे सस्ती एवं उत्तम विधि होती है। 

वृक्षों की अनेक प्रजातियों में भूमि लवणता एवं क्षारीयता को बर्दाश्त करने की क्षमता होती है अतः इन लवणरोधी एवं क्षाररोधी वृक्षों की प्रजातियों से लवणीय एवं क्षारीय भूमियों को आच्छादित कर न सिर्फ उनका पुनरूत्थान किया जा सकता है वरन् इन वृक्षों की प्रजातियों से आर्थिक लाभ भी कमाया जा सकता है। लवणीय एवं क्षारीय भूमियों के पुनरूत्थान में कारगर कुछ वृक्षों की प्रजातियां एवं उनके आर्थिक लाभ निम्नलिखित हैं:

करंज: यह दलहनी कुल फैबेसी (Fabaceae) की छोटी अथवा मध्य आकार की वृक्ष की प्रजाति है जो लवणीय एवं क्षारीय भूमि पर सफलतापूर्वक उगती है। इसका वैज्ञानिक नाम पानगैमिया पिन्नेटा (Pongamia pinnata) है। करंज की वृद्धि दर काफी तेज होती है। यह अत्यन्त ही महत्वपूर्ण बहुउपयोगी वृक्ष की प्रजाति है। बीज से प्राप्त तेल गठिया, त्वचा एवं बिमारियों के इलाज में प्रभावी होता है। बीज के तेल का औद्योगिक उपयोग साबुन, मोमबत्ती इत्यादि के निर्माण में होता है। इसके अतिरिक्त तेल का उपयोग जलाने हेतु भी किया जाता है। बीज के तेल को परिसंस्करण के पश्चात् बायोडीजल के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। अतः बीज अथवा बीज के तेल से आर्थिक लाभ की प्राप्ति की जा सकती है।  

करंज की पत्तियों में प्रोटीन की अधिकता के कारण इसका उपयोग पालतु पशुओं के चारे हेतु किया जाता है। पत्तियों का उपयोग हरी खाद के रूप में भी किया जाता है। बीज की खली का उपयोग कार्बनिक खाद के रूप में मृदा की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए किया जाता है। लकड़ी का इस्तेमाल हल तथा बैलगाड़ी की पहिया बनाने एवं ईधन के रूप में किया जा सकता है।

अर्जुन: अर्जुन एक बहुउपयोगी वृक्ष की प्रजाति है जो पुष्पीय पौधों के काम्बरिटेसी (Combretacae) कुल का सदस्य है। इसका वैज्ञानिक नाम टर्मिनेलिया अर्जुना (Terminalia arjuna) है। अर्जुन की छाल में औषधीय गुण पाये जाते हैं जिसका उपयोग हृदय सम्बन्धी बिमारियों के उपचार हेतु किया जाता है। अतः अर्जुन की छाल को औषधीय कम्पनियों को बेचकर आर्थिक लाभ कमाया जा सकता है। इसकी पत्तियों को हरे चारे के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। पत्तियों का उपयोग रेशम कीटों (silkworms) के पालन हेतु भी किया जा सकता है।

बहेड़ा: यह एक विशाल वृक्ष की प्रजाति है जिसका वैज्ञानिक नाम टर्मिनेलिया बेलेरिका (Terminalia bellerica) है। यह पुष्पीय पौधों के काम्बरिटेसी (Combretaceae) कुल का सदस्य है। बहेड़ा वनस्पति अपने औषधीय गुणों के लिए विख्यात है। वृक्ष के छाल एवं फल में औषधीय गुण पाये जाते हैं। वृक्ष के तने के छाल का उपयोग एनिमिया (anaemia) तथा ल्युकोडरमा (leucoderma) के उपचार में किया जाता है। फल का उपयोग बदहजमी, कब्ज, जलोदर, बवासीर, डाइरिया, कुष्ठ रोग के उपचार में किया जाता है। फल का उपयोग ‘त्रिफला चूर्ण’ जैसी आयुर्वेदिक औषधि के निर्माण में होता है। अतः फल से आर्थिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है। पत्तियों को हरे चारे के रूप में पालतू पशुओं हेतु इस्तेमाल किया जा सकता है।

आंवला: आंवला तेज वृद्धि दर वाली छोटे वृक्ष की प्रजाति है जिसमें लवणीय एवं क्षारीय मृदा में उगने की क्षमता होती है। इसका वैज्ञानिक नाम फाइलेन्थस ऐम्बेलिका (Phyllanthus emblica) है। यह पुष्पीय पौधों के फाइलेन्थेसी (Phyllanthaceae) कुल का सदस्य है। फल का उपयोग मुरब्बा, च्यवनप्राश आदि बनाने में होता है। आंवले का फल विटामिन सी (Vitamin C) का उत्तम श्रोत होता है। फल की बाजार में मांग होने से इससे आर्थिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है। सूखे फल के चूर्ण का उपयोग देशी दवा के रूप में कब्ज के उपचार में किया जा सकता है। पत्तियों का उपयोग आँख की बिमारियों जैसे आपथैल्मिया (opthalmia) तथा अंधेपन के उपचार में किया जाता है। लकड़ी का उपयोग कृषि औजार बनाने में किया जाता है।

ईमली: इमली फैबेसी (Fabaceae) कुल से संबद्ध विशाल वृक्ष की प्रजाति है। इसका वैज्ञानिक नाम टेमरिण्डस इण्डिकस (Tamarindus indicus) है। ईमली के फल में 12% टारटेरिक अम्ल (tartaric acid) पाया जाता है। इसके फल का उपयोग चटनी आदि बनाने में होता है। बीज जेलोज (jellose) का श्रोत होती है जिसका उपयोग कपास एवं पटसन उद्योग में होता है। लकड़ी के टिकाऊ होने के कारण इसका व्यापक उपयोग निर्माण कार्यों में होता है। लकड़ी का इस्तेमाल ईधन रूप में भी किया जा सकता है।

शिरीष: शिरीष दलहनी कुल फैबेसी (Fabaceae) से संबद्ध एक विशाल बहुउपयोगी वृक्ष की प्रजाति है। इसका वैज्ञानिक नाम एलबिजिया लिबेक (Albizia lebbeck) है। शिरीष की हरी पत्तियों में प्रोटीन की अधिकता के कारण इसका इस्तेमाल हरे चारे के रूप में किया जाता है। शिरीष की लकड़ी काफी मजबूत एवं टिकाऊ होती है अतः इसका उपयोग निर्माण कार्यों में बड़े पैमाने पर किया जाता है। शिरीष की लकड़ी को सागौन एवं शाखू के विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। सूखी पत्तियों के काढ़े का इस्तेमाल श्वास सम्बन्धी बिमारियों जैसे दमा, ब्रान्काइटिस (इतवदबीपजपेद्ध इत्यादि के उपचार में होता है।

सफेद शिरीष: यह तेज वृद्धि दर वाली विशाल वृक्ष की प्रजाति है जो पुष्पीय पौधों के फैबेसी (Fabaceae) कुल का सदस्य है। सफेद शिरीष का वैज्ञानिक नाम एलबिजिया प्रोसेरा (Albizia procera) है। वृक्ष का तना सफेद रंग का होता है अतः इसे सफेद शिरीष के नाम से सम्बोधित किया जाता है। इसमें लवणता को बर्दाश्त करने की प्रचुर क्षमता होती है। लकड़ी निर्माण कार्यों हेतु अति उत्तम होती है। पत्तियों में प्रोटीन की अधिकता के कारण उन्हें हरे चारे के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

बेर: यह एक छोटे आकार की कंटीली वृक्ष की प्रजाति है जो पुष्पीय वनस्पतियों के रैमनेसी (Rhamnaceae) कुल का सदस्य है। इसका वैज्ञानिक नाम जिजिफस जुजुबा (Ziziphus jujuba) है। बेर की वृद्धि दर काफी तेज होती है। इसका फल खाने योग्य तथा फास्फोरस का प्रमुख श्रोत होता है। फल से आर्थिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है। पत्तियों का उपयोग हरे चारे के रूप में किया जाता है। इसके अतिरिक्त पत्तियों का उपयोग रेशम कीट पालन में भी किया जा सकता है।

शहतूत: यह छोटे आकार की वृक्ष की प्रजाति है जो पुष्पीय पौधों के मोरेसी (Moraceae) कुल की सदस्य है। इसका वैज्ञानिक नाम मोरस एल्बा (Morus alba) है। शहतूत का फल खाने योग्य होता है। फल में विटामिन सी तथा खनिज पदार्थ पर्याप्त मात्रा में होते हैं। अतः फल की बाजार में मांग से आर्थिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है। पत्तियों का उपयोग बड़े पैमाने पर रेशम कीट पालन (sericulture) में किया जाता है। लकड़ी का उपयोग खेल सम्बन्धी उपकरणों जैसे हाकी स्टिक, टेनिस रैकेट, बैडमिन्टन रैकेट, क्रिकेट स्टम्प इत्यादि के निर्माण में होता है।

उपर्युक्त वृक्षों की प्रजातियां लवणीय एवं क्षारीय भूमि में सफलतापूर्वक उगने की क्षमता रखती हैं। यह प्रजातियाँ अपने मृत अवशेषों जैसे पत्तियां, टहनियां, पुष्पों आदि को लवणीय मृदा सतह पर गिराती हैं जिनके विघटन से धीरे-धीरे मृदा के भौतिक एवं रासायनिक गुणों में परिवर्तन होता है परिणामस्वरूप मृदा अपने वास्तविक स्वरूप को प्राप्त करती है जिसका उपयोग पुनः फसल उगाने हेतु किया जा सकता है।

निष्कर्ष:
भूमि लवणता एवं क्षारीयता हरित क्रान्ति से प्रभावित राज्यों विशेषकर पंजाब, हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश की प्रमुख समस्या है। इस प्रकार की क्षरित भूमि का पुनरुत्थान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है ताकि कृषि उत्पादकता को बढ़ाया जा सके। लवणीय एवं क्षारीय भूमि का जैविक पुनरुत्थान लवणरोधी एवं क्षाररोधी वृक्षों की प्रजातियों के रोपण से संभव है। किसान लवणरोधी एवं क्षाररोधी वृक्षों की बहुउपयोगी प्रजातियों का लवणीय एवं क्षारीय भूमि पर रोपण कर न सिर्फ उनसे व्यक्तिगत आवश्यकताओं की पूर्ति कर सकते हैं अपितु आर्थिक लाभ भी कमा सकते हैं। इससे पर्यावरण संरक्षण में भी सहायता मिलेगी साथ ही लगातार गिर रहे भूमिगत जलस्तर में भी बढ़ोत्तरी होगी।
-X-X-X-X-X-

लेखक परिचय:

डॉ. अरविंद सिंह वनस्पति विज्ञान विषय से एम.एस-सी. और पी-एच.डी. हैं। आपकी विशेषज्ञता का क्षेत्र पारिस्थितिक विज्ञान है। आप एक समर्पित शोधकर्ता हैं और राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की शोध पत्रिकाओं में अब तक आपके 4 दर्जन से अध‍िक शोधपत्र प्रकाशित हो चुके हैं। खनन गतिविधियों से प्रभावित भूमि का पुनरूत्थान आपके शोध का प्रमुख विषय है। इसके अतिरिक्त आपने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय मुख्य परिसर की वनस्पतियों पर भी अनुसंधान किया है। आपके अंग्रेज़ी में लिखे विज्ञान विषयक आलेख 'Science Log' पर पढ़े जा सकते हैं। आपसे निम्न ईमेल आईडी पर संपर्क किया जा सकता है-
keywords: management of soil salinity and alkalinity problems in india, Improvement of Saline and Alkali Soils in Hindi, Soil salinity control in hindi, alkalinity control in hindi, soil salinity problem in hindi, how to reduce soil salinity in hindi, how to prevent soil salinization in hindi, how to reduce soil salinity in hindi, how to reduce alkalinity in soil, acidity and alkalinity of soil in hindi, salinity and alkalinity of soil in hindi, how to increase alkalinity in soil, causes of alkalinity in soil in hindi, soil alkalinity and plant growth in hindi, soil alkalinity definition in hindi, soil alkalinity treatment in hindi

COMMENTS

BLOGGER: 5
Loading...
नाम

अंतरिक्ष युद्ध,1,अंतर्राष्‍ट्रीय ब्‍लॉगर सम्‍मेलन,1,अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी ब्लॉगर सम्मेलन-2012,1,अतिथि लेखक,2,अन्‍तर्राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन,1,आजीवन सदस्यता विजेता,1,आटिज्‍म,1,आदिम जनजाति,1,इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी,1,इग्‍नू,1,इच्छा मृत्यु,1,इलेक्ट्रानिकी आपके लिए,1,इलैक्ट्रिक करेंट,1,ईको फ्रैंडली पटाखे,1,एंटी वेनम,2,एक्सोलोटल लार्वा,1,एड्स अनुदान,1,एड्स का खेल,1,एन सी एस टी सी,1,कवक,1,किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज,1,कृत्रिम मांस,1,कृत्रिम वर्षा,1,कैलाश वाजपेयी,1,कोबरा,1,कौमार्य की चाहत,1,क्‍लाउड सीडिंग,1,क्षेत्रीय भाषाओं में विज्ञान कथा लेखन,9,खगोल विज्ञान,2,खाद्य पदार्थों की तासीर,1,खाप पंचायत,1,गुफा मानव,1,ग्रीन हाउस गैस,1,चित्र पहेली,201,चीतल,1,चोलानाईकल,1,जन भागीदारी,4,जनसंख्‍या और खाद्यान्‍न समस्‍या,1,जहाँ डॉक्टर न हो,1,जादुई गणित,1,जितेन्‍द्र चौधरी जीतू,1,जी0 एम0 फ़सलें,1,जीवन की खोज,1,जेनेटिक फसलों के दुष्‍प्रभाव,1,जॉय एडम्सन,1,ज्योतिर्विज्ञान,1,ज्योतिष,1,ज्योतिष और विज्ञान,1,ठण्‍ड का आनंद,1,डॉ0 मनोज पटैरिया,1,तस्‍लीम विज्ञान गौरव सम्‍मान,1,द लिविंग फ्लेम,1,दकियानूसी सोच,1,दि इंटरप्रिटेशन ऑफ ड्रीम्स,1,दिल और दिमाग,1,दिव्य शक्ति,1,दुआ-तावीज,2,दैनिक जागरण,1,धुम्रपान निषेध,1,नई पहल,1,नारायण बारेठ,1,नारीवाद,3,निस्‍केयर,1,पटाखों से जलने पर क्‍या करें,1,पर्यावरण और हम,9,पीपुल्‍स समाचार,1,पुनर्जन्म,1,पृथ्‍वी दिवस,1,प्‍यार और मस्तिष्‍क,1,प्रकृति और हम,12,प्रदूषण,1,प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड,1,प्‍लांट हेल्‍थ क्‍लीनिक,1,प्लाज्मा,1,प्लेटलेटस,1,बचपन,1,बलात्‍कार और समाज,1,बाल साहित्‍य में नवलेखन,2,बाल सुरक्षा,1,बी0 प्रेमानन्‍द,5,बीबीसी,1,बैक्‍टीरिया,1,बॉडी स्कैनर,1,ब्रह्माण्‍ड में जीवन,1,ब्लॉग चर्चा,4,ब्‍लॉग्‍स इन मीडिया,1,भंते बुद्ध प्रकाश,1,भारत के महान वैज्ञानिक हरगोविंद खुराना,1,भारत डोगरा,1,भारत सरकार छात्रवृत्ति योजना,1,मंत्रों की अलौकिक शक्ति,1,मनु स्मृति,1,मनोज कुमार पाण्‍डेय,1,मलेरिया की औषधि,1,महाभारत,1,महामहिम राज्‍यपाल जी श्री राम नरेश यादव,1,महाविस्फोट,1,मानवजनित प्रदूषण,1,मिलावटी खून,1,मेरा पन्‍ना,1,युग दधीचि,1,यौन उत्पीड़न,1,यौन रोग,1,यौन शिक्षा,2,यौन शोषण,1,रंगों की फुहार,1,रक्त,1,राष्ट्रीय पक्षी मोर,1,रूहानी ताकत,1,रेड-व्हाइट ब्लड सेल्स,1,लाइट हाउस,1,लोकार्पण समारोह,1,विज्ञान कथा,1,विज्ञान दिवस,2,विज्ञान संचार,1,विश्व एड्स दिवस,1,विषाणु,1,वैज्ञानिक मनोवृत्ति,1,शाकाहार/मांसाहार,1,शिवम मिश्र,1,संदीप,1,सगोत्र विवाह के फायदे,1,सत्य साईं बाबा,1,समगोत्री विवाह,1,समाचार पत्रों में ब्‍लॉगर सम्‍मेलन,1,समाज और हम,14,समुद्र मंथन,1,सर्प दंश,2,सर्प संसार,1,सर्वबाधा निवारण यंत्र,1,सर्वाधिक प्रदूशित शहर,1,सल्फाइड,1,सांप,1,सांप झाड़ने का मंत्र,1,साइंस ब्‍लॉगिंग कार्यशाला,10,साइक्लिंग का महत्‍व,1,सामाजिक चेतना,1,सुपर ह्यूमन,1,सुरक्षित दीपावली,1,सूत्रकृमि,1,सूर्य ग्रहण,1,स्‍कूल,1,स्टार वार,1,स्टीरॉयड,1,स्‍वाइन फ्लू,2,स्वास्थ्य चेतना,15,हठयोग,1,होलिका दहन,1,‍होली की मस्‍ती,1,Abhishap,4,abraham t kovoor,7,Agriculture,7,AISECT,11,Ank Vidhya,1,antibiotics,1,antivenom,3,apj,5,arshia science fiction,1,AS,26,B. Premanand,6,Bal Kahani Lekhan Karyashala,1,Balsahitya men Navlekhan,2,Bhante Budhh Prakash,1,Bharat Dogra,1,Bhoot Pret,7,Blogging,1,Bobs Award 2013,2,Books,55,Born Free,1,Bushra Alvera,1,Butterfly Fish,1,Chaetodon Auriga,1,Challenges,9,Chamatkar,1,Child Crisis,4,Children Science Fiction,1,current,1,D S Research Centre,1,DDM,4,dinesh-mishra,2,Discount Coupon,1,DM,4,Dr. Prashant Arya,1,dream analysis,1,Duwa taveez,1,Duwa-taveez,1,Earth,41,Earth Day,1,eco friendly crackers,1,Education,3,Electric Curent,1,electricfish,1,Elsa,1,English Article,1,Environment,29,Featured,5,flehmen response,1,Gansh Utsav,1,Government Scholarships,1,Great Indian Scientist Hargobind Khorana,1,Green House effect,1,Guest Article,6,Hast Rekha,1,Hathyog,1,Health,60,Health and Food,2,Health and Medicine,1,Healthy Foods,2,Hindi Vibhag,1,human,1,Human behavior,4,humancurrent,1,IBC,5,Indira Gandhi Rajbhasha Puraskar,1,International Bloggers Conference,5,Invention,8,Irfan Hyuman,1,jacobson organ,1,Jadu Tona,3,Joy Adamson,1,julian assange,1,jyotirvigyan,1,Jyotish,11,Kaal Sarp Dosha Mantra,1,Kaal Sarp Yog Remady,1,Kranti Trivedi Smrati Diwas,1,lady wonder horse,1,Lal Kitab,1,Legends,13,life,2,Love at first site,1,Lucknow University,1,Magic Tricks in Hindi,8,magic-tricks,9,malaria mosquito,1,malaria prevention,1,man and electric,1,Manjit Singh Boparai,1,mansik bhram,1,media coverage,1,Meditation,1,Mental disease,1,MK,3,MMG,3,MS,2,mystery,1,Myth and Science,1,Nai Pahel,8,National Book Trust,3,Natural therapy,1,NCSTC,2,New Technology,3,NKG,30,Nobel Prize,5,Nuclear Energy,1,Nuclear Reactor,1,OPK,2,Opportunity,7,Otizm,1,paradise fish,1,personality development,4,PK,11,Plant health clinic,1,Power of Tantra-mantra,1,psychology of domestic violence,1,Punarjanm,1,Putra Prapti Mantra,1,Rajiv Gandhi Rashtriya Gyan Vigyan Puraskar,1,Report,9,Researches,2,SBWG,3,SBWR,5,SBWS,3,science blogging workshop,22,Science Blogs,1,Science communication,6,Science Communication Through Blog Writing,7,Science Fiction,7,Science Fiction Articles,6,Science Fiction Books,5,Science Fiction Conference,8,Science Fiction Writing in Regional Languages,11,Science Times News and Views,2,science-books,1,science-puzzle,44,Scientific Awareness,4,Scientist,30,SD,4,secret of happiness,1,secret of success,1,secrets of octopus paul,1,Sex Diseases,1,Sexpower,1,sexual harassment,1,shirish-khare,4,SKS,11,Social Challenge,1,Solar Eclipse,1,Steroid,1,Succesfull Treatment of Cancer,1,superpowers,1,Superstitions,48,Tantra-mantra,20,Tarak Bharti Prakashan,1,The interpretation of dreams,2,Tona Totka,3,travel,1,tsaliim,9,Universe,20,Vigyan Prasar,30,Vishnu Prashad Chaturvedi,1,VPC,4,Washikaran Mantra,1,Where There is No Doctor,1,wikileaks,1,wildlife,11,zakir science fiction,1,
ltr
item
Scientific World: लवणीय एवं क्षारीय भूमियों के पुनरूत्थान में कारगर वृक्षों की कुछ बहुउपयोगी प्रजातियां
लवणीय एवं क्षारीय भूमियों के पुनरूत्थान में कारगर वृक्षों की कुछ बहुउपयोगी प्रजातियां
भूमि की लवणता (salinity) एवं क्षारीयता (alkalinity) दूर करने के उपाय।
https://4.bp.blogspot.com/-BEHekCsBEQg/VRJQEv4kCQI/AAAAAAAAFhw/6LFzuUzguTw/s640/Aonla.jpg
https://4.bp.blogspot.com/-BEHekCsBEQg/VRJQEv4kCQI/AAAAAAAAFhw/6LFzuUzguTw/s72-c/Aonla.jpg
Scientific World
http://www.scientificworld.in/2015/03/soil-management-hindi.html
http://www.scientificworld.in/
http://www.scientificworld.in/
http://www.scientificworld.in/2015/03/soil-management-hindi.html
true
3850451451784414859
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS CONTENT IS PREMIUM Please share to unlock Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy