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(अन्‍तर्राष्‍ट्रीय हिन्‍दी ब्‍लॉग सम्‍मेलन का उद्घाटन करते हुए उद्भ्रांत जी, साथ में हैं शिखा वार्ष्‍णेय, रणधीर सिंह सुमन एवं रवीन्‍द्र प्रताप)
यह बड़े गर्व की बात है कि आज से 75 साल पहले सन 1936 में लखनऊ शहर प्रेमचंद् की अध्‍यक्षता में प्रगतिशील लेखक संघ के प्रथम अधिवेशन का गवाह बना था, जिसकी गूंज आज तक सुनाई पड़ रही है। उसी प्रकार आज जो लखनऊ में ब्लॉग लेखकों का अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित हो रहा है, इसकी गूंज भी आने वाले 75 सालों तक सुनाई पड़ेगी।

उपरोक्त विचार बली प्रेक्षागृह, कैसरबाग, लखनऊ में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दी ब्लॉगर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए प्रतिष्ठित कवि उद्भ्रांत ने व्यक्त किये। सकारात्मक लेखन को बढ़ावा देने के उद्देष्य से यह सम्मेलन तस्लीम एवं परिकल्पना समूह द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में पूर्णिमा वर्मन (शारजाह) रवि रतलामी (भोपाल), शिखा वार्ष्णेय (लंदन), डॉ0 अरविंद मिश्र (वाराणसी), अविनाश वाचस्पति (दिल्ली), मनीष मिश्र (पुणे), इस्मत जैदी (गोवा), आदि ब्लॉगरों ने अपने उद्गार व्यक्त किये। कार्यक्रम को मुद्राराक्षस, शैलेन्द्र सागर, वीरेन्द्र यादव, राकेश, शकील सिद्दीकी, शहंशाह आलम, डॉ. सुभाष राय, डॉ. सुधाकर अदीब, विनय दास आदि वरिष्ठ साहित्यकारों ने भी सम्बोधित किया।

वक्ताओं ने अपनी बात रखते हुए कहा कि इंटरनेट एक ऐसी तकनीक है, जो व्यक्ति को अभिव्यक्ति का जबरदस्त साधन उपलब्ध कराती है, लोगों में सकारात्मक भावना का विकास करती है, दुनिया के कोने-कोने में बैठे लोगों को एक दूसरे से जोड़ने का अवसर उपलब्ध कराती है और सामाजिक समस्याओं और कुरीतियों के विरूद्ध जागरूक करने का जरिया भी बनती है। इसकी पहुँच और प्रभाव इतना जबरदस्त है कि यह दूरियों को पाट देता है, संवाद को सरल बना देता है और संचार के उत्कृष्ट साधन के रूप में उभर कर सामने आता है। 
मंचासीन विद्वतजन 'वटवृक्ष' 'ब्‍लॉग दशक विशेषांक एवं 'भारत के महान वैज्ञानिक'(जाकिर अली रजनीश) पुस्‍तक का विमोचन, बाएं से रवीन्‍द्र प्रभात, डॉ0 सुभाष राय, शिक्षा वार्ष्‍णेय, डॉ0 अरविंद मिश्र, शैलेन्‍द्र सागर, उद्भ्रान्‍त, गिरीश पंकज एवं जाकिर अली रजनीश

लेकिन इसके साथ ही साथ जब यह अभिव्यक्ति के विस्फोट के रूप में सामने आती है, तो उसके कुछ नकारात्मक परिणाम भी देखने को मिलते हैं। ये परिणाम हमें दंगों और पलायन के रूप में झेलने पड़ते हैं। यही कारण है कि जब तक यह सकारात्मक रूप में उपयोग में लाया जाता है, तो समाज के लिए अलादीन के चिराग की तरह काम करता है, लेकिन जब यही अवसर नकारात्मक स्वरूप अख्तियार कर लेता है, तो समाज में विद्वेष और घृणा की भावना पनपने लगती है और नतजीतन सरकारें बंदिश का हंटर सामने लेकर सामने आ जाती हैं। लेकिन यदि रचनाकार अथवा लेखक सामाजिक सरोकारों को ध्यान में रखते हुए इस इंटरनेट का उपयोग करे, तो कोई कारण नहीं कि उसके सामने किसी तरह का खतरा मंडराए। इससे समाज में प्रेम और सौहार्द्र का विकास भी होगा और देश तरक्की की सीढ़ियाँ भी चढ़ सकेगा। 

इस अवसर पर देश के कोने-कोने से आए 200 से अधिक ब्लॉगर, लेखक, संस्कृतिकर्मी और विज्ञान संचारक भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में तीन चर्चा सत्रों (न्यू मीडिया की भाषाई चुनौतियाँ, न्यू मीडिया के सामाजिक सरोकार, हिन्दी ब्लॉगिंगः दशा, दिशा एवं दृष्टि) में रचनाकारों ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम के संयोजक रवीन्द्र प्रभात ने ब्लॉगरों की सर्वसम्मति से सरकार से ब्लॉग अकादमी के गठन की मांग की, जिससे ब्लॉगरों को संरक्षण प्राप्त हो सके और वे समाज के विकास में सकारात्मक योगदान दे सकें।

इस अवसर पर ‘वटवृक्ष‘ पत्रिका के ब्लॉगर दशक विशेषांक का लोकार्पण किया गया, जिसमें हिन्दी के सभी महत्वपूर्ण ब्लॉगरों के योगदान को रेखांकित किया गया है। इसके साथ ही साथ कार्यक्रम के संयोजक डॉ0 जाकिर अली रजनीश की पुस्तक ‘भारत के महान वैज्ञानिक‘ एवं अल्का सैनी के कहानी संग्रह ‘लाक्षागृह‘ तथा मनीष मिश्र द्वारा सम्पादित पुस्तक ‘हिन्दी ब्लॉगिंगः स्वरूप व्याप्ति और संभावनाएं‘ का भी लोकार्पण इस अवसर पर किया गया।
ब्‍लॉग दशक सम्‍मान से विभूषित ब्‍लॉगर, मंचस्‍थ विद्वतजनों के साथ, बाएं से के0के0 यादव, आकांक्षा यादव, पूर्णिमा वर्मन, रवीन्‍द्र प्रभात, बी0एस0 पाबला, अविनाश वाचस्‍पति एवं रवि रतलामी

कार्यक्रम के दौरान ब्लॉग जगत में उल्लेखनीय योगदान के लिए पूर्णिमा वर्मन, रवि रतलामी, बी एस पावला, रचना, डॉ अरविंद मिश्र, समीर लाल समीर, कृष्ण कुमार यादव और आकांक्षा यादव को ‘परिकल्पना ब्लॉग दशक सम्मान‘ से विभूषित किया गया। इस अवसर पर साहित्‍य जगत में विशिष्‍ट योगदान देने वाले साहित्‍यकारों को कार्यक्रम के विशिष्‍ट सहयोगी लोक संघर्ष पत्रिका एवं प्रगतिशील ब्‍लॉग लेखक संघ ने विशिष्‍ट सम्‍मानों से विभूषित किया। इस कड़ी में अविनाश वाचस्पति को प्रब्लेस चिट्ठाकारिता शिखर सम्मान, रश्मि प्रभा को शमशेर जन्मशती काव्य सम्मान, डॉ सुभाष राय को अज्ञेय जन्मशती पत्रकारिता सम्मान, अरविंद श्रीवास्तव को केदारनाथ अग्रवाल जन्मशती साहित्य सम्मान, शहंशाह आलम को गोपाल सिंह नेपाली जन्मशती काव्य सम्मान, शिखा वार्ष्णेय को जानकी बल्लभ शास्त्री स्मृति साहित्य सम्मान, गिरीश पंकज को श्रीलाल शुक्ल व्यंग्य सम्मान, डॉ. जाकिर अली रजनीश को फैज अहमद फैज जन्मशती सम्मान तथा 51 अन्य ब्लॉगरों को ‘तस्लीम-परिकल्पना सम्मान‘ तथा 'तस्‍लीम नुक्‍कड़ सम्‍मान' प्रदान किये गये।

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  1. परिकल्पना सम्मान समारोह कुशलता से सम्पन्न हुआ।तस्लीम के जाक़िर अली जी व रवीन्द्र प्रभात जी के संयुक्त प्रयास की जितनी प्रशंसा की जाय कम है ।अविनाश वाचस्पति जी व डॉ.हरीश अरोड़ा ने भरपूर सहयोग किया ।शिखा वार्ष्णेय जी,डॉ.अरविन्द मिश्र जी व बी एस पाबला जी कार्यक्रम में छाए रहे ।प्रवीण त्रिवेदी व ई पंडित की विशेष चर्चा हुई ।वक्ताओं में उद्भ्रांत जी,शैलेश सागर, मुद्रा जी, राकेश जी आदि ने ब्लॉगिंग के भविष्य को लेकर बातचीत की ।

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  2. कार्यक्रम वास्तव मे बहुत अच्छा रहा।
    सब से मिल कर भी बहुत अच्छा लगा।


    सादर

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  3. बधाईयां जी बधाईयाँ!!
    सभी सम्मानित ब्लॉगर बंधुओं को बधाई और शुभकामनाएं!!

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  4. कार्यक्रम बहुत ही बढ़िया रहा....और संपन्न भी सुचारुरूप से हुआ....आप सभी के प्रयास की जितनी भी सराहना की जाए कम होगी...बधाई.

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  5. ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से होते रहने चाहियें.. सभी लोगों को बधाई...

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  6. bahut hi badhiya karykraam tha blog likhne vale logo ka utsah badhne vala bahut bahut badhiya is prayas ke liye or naye logo ko jodne ke liye

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  7. बेनामी8/27/2012 10:43 pm

    Literature is the epitome of the society. It paves the best way for all-round development of a country and of all the heart and mind. The Blogger Conference has been the apotheosis of Hindi bloggers like: Dr Jakir Ali Rajnish, Alka Saini, Manish Mishra, Avinash Vachaspati and many others who have been honoured with different awards. Girish Pankaj ji is a great man of letters and a high journalist. I have known him since 1988. He was an editor in Nav Bharat, Raipur. He published one of my hindi poems “Varshagaman Geet” on 26//06/1988 in Dainik Yugdharm. Although I could not attend the conference, yet this TSALIIM reminded me of him after 24 long years.

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  8. Ramesh Chandra Tiwari8/27/2012 10:45 pm

    Literature is the epitome of the society. It paves the best way for all-round development of a country and of all the heart and mind. The Blogger Conference has been the apotheosis of Hindi bloggers like: Dr Jakir Ali Rajnish, Alka Saini, Manish Mishra, Avinash Vachaspati and many others who have been honoured with different awards. Girish Pankaj ji is a great man of letters and a high journalist. I have known him since 1988. He was an editor in Nav Bharat, Raipur. He published one of my hindi poems “Varshagaman Geet” on 26//06/1988 in Dainik Yugdharm. Although I could not attend the conference, yet this TSALIIM reminded me of him after 24 long years.

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  9. Dr. Irfan 'Human'8/27/2012 10:50 pm

    बधाइयांI

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  10. इस बेहद सफल आयोजन के लिए पूरी टीम को बहुत-बहुत मुबारकबाद!

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  11. सफल आयोजन के लिए बधाइयाँ .....

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  12. बधाइयाँ जी बधाइयाँ, पूरे कार्यक्रम में सम्मिलित न हो पाने का बेहद अफसोस है।

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  13. सफल आयोजन के लिए बधाइयाँ .....

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  14. इस ऐतिहासिक अवसर पर स्वयं कि उपस्थिति से गौरवान्वित हूँ ! बेहद सफल और बेहतरीन मंच संचालन के लिए मेरी ओर से संचालक महोदय को हार्दिक धन्यवाद !

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  15. सफल आयोजन के लिए बधाइयाँ .....

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  16. सभी आयोजनकर्ताओं को एवं सभी अतिथिओं को कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए बधाई ..!

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  17. त्वरित रिपोर्ट बढ़िया लगी ...सबको बधाई

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  18. हार्दिक बधाईयां।
    पढिए इस अवसर पर पधारे दुनिया भर के ब्‍लॉगरों से की गयी विशेष बातचीत।

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  19. संक्षिप्त ही सही कुछ जानकारी मिली।

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  20. वर्णानातित आनंदप्रद

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  21. ढेरों ढेर बधार्इयां.

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  22. वाक़ई बहुत सफल और शानदार आयोजन रहा.हार्दिक बधाई

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  23. एक शानदार अनुष्ठान..एक अद्भुत प्रयास.. एक बेहतरीन परम्परा.. और सचमुच एक अविस्मरणीय इतिहास!! बधाई ज़ाकिर भाई और रविन्द्र जी को!!

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  24. ब्‍लॉग दशक सम्‍मान से विभूषित ब्‍लॉगर, "मंचस्‍त"(मंचस्थ ) विद्वतजनों के साथ, बाएं से के0के0 यादव, आकांक्षा यादव, पूर्णिमा वर्मन, रवीन्‍द्र प्रभात, बी0एस0 पाबला, अविनाश वाचस्‍पति एवं रवि रतलामी / इससे समाज में प्रेम और सौहार्द्र का विकास भी होगा और "देष "(देश )तरक्की की सढ़ियाँ(सीढियां ) भी चढ़ सकेगा।/ एक कामयाब आलमी सम्मलेन के लिए सभी ब्लॉगर बंधुओं ,बांधवी को बधाई .वीरू भाई ,कैंटन ,मिशगन .


    मंगलवार, 28 अगस्त 2012
    आजमाए हुए रसोई घर के नुसखे
    Hip ,Sacroiliac Leg Problems
    Hip ,Sacroiliac Leg Problems(हिन्दुस्तानी जबान में भी आ रहा है यह मह्त्वपूर्ण आलेख ,विषय की गभीरता और थोड़ी सी

    क्लिष्टता को देख कर लगा पहले एक बेकग्राउंडर आधारीय आलेख अंग्रेजी में दिया जाए ताकी विषय की एक झलक तो मिल जाए वायदा है समझाया जाएगा यह आलेख हिंदी में ,अभी इस श्रृंखला के तीन -चार आलेख और आने हैं ,अब तक जो इस अभिनव विषय पर आप लोगों का रेस्पोंस मिला है उससे हौसला बढ़ा है ).
    http://veerubhai1947.blogspot.com/

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  25. इनामी ब्लोगरों को बधाई ,बधाई ..., बधाई .वीरू भाई ,कैंटन ,मिशगन .

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  26. आयोजन की सफलता के लिए रवीन्द्र प्रभात जी,रणधीर सिंह सुमन जी और डॉ ज़ाकिर अली साहब बधाई के पात्र हैं।

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  27. इनामी ब्लोगरों को बधाई ,बधाई ..., बधाई अरे भाई! इनामी से मतलब इनाम जीतने वालों से है ,ब्लागरा भाई कुछ और न समझ लें.जब नामी और बे -नामी ,नाम चीन ,हो सकता है तो इनामी क्यों नहीं (इसका मतलब यह न लगालें जिसके सिर पे सरकार इनाम रख्खे हो.आजकल ऐसा ही माहौल है ) वीरू भाई ,कैंटन ,मिशगन .

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  28. कुशल आयोजन के लिये आप सभी बधाई के पात्र हैं। आप सब से मिलकर बहुत अच्छा लगा। पुरस्कार विजेताओं को शुभकामनायें।

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  29. सभी को बधाईयाँ एवं सफ़ल आयोजन हेतु आयोजकों को साधुवाद…।
    अविनाश वाचस्पति जी के दो-दो बार किए गए आग्रहपूर्ण बुलावे के बावजूद, मैं व्यक्तिगत कारणों से उपस्थित न हो सका, इसलिए क्षमाप्रार्थी हूँ…

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  30. एक सफल आयोजन के लिए बधाई. सभी सम्मानित ब्लोगर साथियों को बधाई. शामिल न हो पाने का दुःख सदैव रहेगा.

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  31. सभी सम्मानित ब्लॉगरों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ.

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  32. सभी को हार्दिक बधाई!

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  33. सभी को बधाई...बढ़िया आयोजन ...पुरस्कार विजेताओं को बधाईयां ..
    इस ब्लॉग के होमपेज पर सदस्यों की सूची के अंतर्गत अपने नाम पर क्लिक करने पर मैं किसी अन्य ब्लागर की प्रोफाईल पर पहुंच जाता हूं। ऐसा क्यों?

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    उत्तर
    1. प्रवीण जी, आप शायद साइंस ब्‍लॉगर्स असोसिएशन के होम पेज की बात कर रहे हैं। हो सकता है, त्रुटिवश ऐसा हो गया हो। मैंने उसे संशोधित कर दिया है। इस ओर ध्‍यान दिलाने के लिए शुक्रिया।

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  34. इस ऐतिहासिक अवसर पर स्वयं कि उपस्थिति से गौरवान्वित हूँ धन्यवाद तसलीम और परिकल्पना

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  35. जानकारी देने के लिए शुक्रिया! सभी पुरस्कृत लोगों को बधाई!
    सभी ब्लॉगर्स को एकत्रित करने हेतु कोई अकादमी जैसी व्यवस्था करनी अपेक्षित है! जो समय-समय पर ऐसे आयोजन कराये; जिसकी जानकारी सभी को उपलब्ध करायी जाए! इससे ब्लॉग लेखकों को प्रेरणात्मक बल मिलेगा और समाज के उत्थान में ब्लॉग सक्रिय भागीदारी निभा सकेगा!
    मंगल कामनाओं सहित,
    सादर/सप्रेम
    सारिका मुकेश
    http://sarikamukesh.blogspot.com/

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  36. बहुत ही शानदार और सराहनीय प्रस्तुति....
    बधाई

    इंडिया दर्पण
    पर भी पधारेँ।

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  37. हिन्दी ब्लॉग की दुनिया दिन-दूनी रात-चौगुनी उन्नति करे यही हमारी दुआ है। इस अनुष्ठान में आप सबका योगदान बधाई के लायक है। हार्दिक शुभकामनाएँ।

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वैज्ञानिक चेतना को समर्पित इस यज्ञ में आपकी आहुति (टिप्पणी) के लिए अग्रिम धन्यवाद। आशा है आपका यह स्नेहभाव सदैव बना रहेगा।

 
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