लाल किताब के सिद्ध टोटके (Lal Kitab ke Siddh Totke)

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ज्‍योतिष को मानने वालों में 'लाल किताब' का बड़ा महत्‍व है। यह किताब सम्‍पूर्ण उत्‍तर भारत (हिन्‍दी बेल्‍ट) में विशेष रूप से लोकप्रिय है। कहा जाता है कि इसमें तमाम तरह की समस्‍याओं से मुक्ति के सराल उपाय बताए गये हैं। इन टोटकों को बताकर ज्‍योतिषी लोग अक्‍सर लोगों को बेवकूफ बनाया करते हैं। कुछ लाजवाब टोटके देखिए :

नौकरी/धन/अच्‍छे कैरियर के लिए:
शु‍क्रवार को एक ताला खरीदें। खरीदते समय न तो स्‍वयं ताले को खोल कर देखें और न ही दुकानदार को ऐसा करने दें। ताले को लाकर सोने वाले कमरे में रख दें। अगले दिन यानी शनिवार को नहा धो कर मंदिर में रख दें और चले आएं। जैसे ही कोई ताला खोलेगा, आपकी किस्‍मत का ताला भी खुल जाएगा।
(किस्‍मत खोलने का उपाय है या ताला बेचने का तरीका। भैया, किसी ताला कंपनी से बात कर ली होती, कम से कम एक दक्षिणा के बराबर तो मुद्रा मिल ही जाती। वैसे एक सवाल भी मन में कुलबुला रहा है: क्‍या जो व्‍यक्ति ताला खोलेगा, उसकी किस्‍मत का ताला बंद तो नहीं हो जाएगा। तब तो उसे भी इसी प्रकार एक ताला दान करवाना होगा। है न। यानी किसी को फायदा हो न हो, पर ताला कंपनियों की जरूर चांदी हो जाएगी। मुझे तो लगता है कि यह उपाय बताने वाला किसी ताला कंपनी का मालिक तो नहीं था। आपका क्‍या विचार है।)

ब्लड प्रेशर/डिप्रेशन से बचने का उपाय:
रविवार के दिन 325 ग्राम दूध अपने सिरहाने रख कर सोएं। सोमवार को सुबह उठकर दूध को पीपल के पेड़ पर चढ़ा दें, 5 रविवार यह क्रिया करें, निश्चित लाभ होगा।
(ये क्‍या भइया, अब पीपल महाराज भी दूध पीने लगे? माना कि दूध पौष्टिक होता है, लेकिन पीपल महाराज को दूध चढ़ाने से हमारा ब्‍लड प्रेशर कैसे कम हो जाएगा? क्‍या ब्‍लड प्रेशर डिपार्टमेंट वे ही देखते हैं क्‍या?)

माईग्रेन/आधा सीसी का दर्द से बचने का उपाय:
मंगलवार को सूर्योदय के समय किसी चौराहे पर जाएं और एक टुकड़ा गुड़ को दांत से दो भागों में बांट कर दो अलग-अलग दिशाओं में फेंक दें। 5 सप्‍ताह लगातार यह क्रिया करें, माईग्रेन में लाभ होगा।
(गजब का तरीका बताया है भाई। अगर गुड़ खाने को कहते, तो कुछ पल्‍ले भी पड़ता। मुझे तो लगता है कि यदि गुड़ को चौराहे पर फेंका गया, तो पहले तो वहॉं पर मक्खियां आएंगी, फिर चींटे आदि। और चौराहे के ट्राफिक में दब कर वे बिना वजह मारे जाएंगे। उनकी हत्‍या का दोष किसपर जाएगा यह क्रिया करने वाले पर या उपाय बताने वाले पर? इस सवाल पर कोई रौशनी डाल सकता है?)



रोगों से मुक्ति का उपाय:
रात में पूर्व की ओर अपना सिर करके सोएं। सोते समय एक कटोरी में थोड़ा सा सेंधा नमक रख लें। इससे आपकी बीमारी में लाभ होगा।
(अरे? कितना आसान और कम खर्च वाला उपाय है। अब तो डाक्‍टरों की छुटटी। क्‍या भारत सरकार ने यह उपाय नहीं सुना? व्‍यर्थ में कैंसर, एड्स और लाइलाज बीमारियों की रिसर्च और दवाओं पर अरबों रूपये खर्च कर रही है। सेंधा नमक लगाए, सारी बीमारियों से मुक्ति पाए।)

व्यापार बढा़ने का उपाय:
सवा किलो काले चने शुक्रवार की रात में भिगो दें। अगले दिन उन्‍हें सरसों के तेल में बना लें। बने हुए चने के तीन हिस्‍से करें। एक हिस्‍सा घोड़/भैंसे को खिला दें। दूसरा हिस्सा कुष्ठ रोगी को खिला दें और तीसरा हिस्से को अपने ऊपर से तीन बार उतार कर किसी चौराहे पर रख दें। यह काम 40 दिन तक लगातार करें। व्‍यापार में निश्चित लाभ होगा।
(अजब बुड़बक आदमी है यह उपय बताने वाला। सवा किलो चना, चालीस दिन? अमां व्‍यापार बढ़ेगा या बजट बिगड़ेगा? हां, इससे अगर किसी का व्‍यापार चलेगा, तो वह चने वाला होगा। सही कहा न?)

मुकदमे में विजय पाने का उपाय: 
मुकदमे में विजय पाने के लिए कचहरी में थोड़े से चावल लेकर जाएं। उन चावलों को कार्यवाही वाले कक्ष के बाहर फेंक दें। लेकिन ऐसा करते समय इस बात का ध्‍यान रखें कि ऐसा करते समय आपको कोई न देखे, अन्‍यथा लाभ नहीं होगा।
वाह, क्‍या गजब का मामू बनाया है। कचेहरी में चावल फेंको और कोई देखे नहीं। भारत जैसे देश में (ऐसा सम्‍भव है? और हां, एक सवाल दिमाग में घूम रहा है, अगर मुकदमे के दोनों पक्ष यही काम करें, तो विजय किसकी होगी? जो ज्‍यादा अच्‍छी क्‍वालिटी के चावल फेंकेगा, या जो ज्‍यादा चावल फेंकेगा? अंत में एक और गम्‍भीर सवाल क्‍या ऐसा करने से अन्‍न का अपमान नहीं होगा?)

पति को वश में करने का उपाय:
पान के हरे पत्‍ते पर चंदन और केसर का पाउडर लगाकर दुर्गा माता की मूर्ति/तस्‍वीर के सामने रखें तथा चंडी स्‍त्रोत का पाठ करें। पाठ के बाद चंदन और केसर के मिश्रण से माथे पर तिलक लगाएं और पति के सामने जाएं। यदि पति न हो, तो उसके फोटो के सामने जाएं। तदुपरांत उस पत्‍ते को एक जगह संभाल कर रख दें। 43वें दिन सभी एकत्रित पत्‍तों को जल में प्रवाहित कर दें। आपका पति पूर्णत: आपके वश में रहेगा।
(लगता है किसी जंगली आदमी ने यह उपाय बनाया होगा, वर्ना पति को वश में करने के लिए क्‍या स्त्रियों को किसी उपाय के करने की आवश्‍यकता होती है। वे तो सुस्‍वादु भोजन, दो मीठे बोल और मनमोहिनी अदाओं से वैसे ही गुलाम बन जाते हैं। हाँ, जिनकी पत्नियां रणचण्‍डी का रूप ले चुकी हों, उनके लिए कोई व्‍यवहारिक उपाय हो तो बात की जाए।)

ये सभी उपाय मुझे 'लाल किताब' से नहीं मिले हैं। इन्‍हें मैंने एक ब्‍लॉग पर पढ़ा है। और यह बताते हुए मुझे बहुत दु:ख हो रहा है कि यह पोस्‍ट जागरण जंक्‍शन पर सर्वाधिक पढ़ी जाने वाली पोस्‍टों में प्रमुख है। 
है न चौंकने वाली बात? यह हाल है हमारे देश की जनता का। यह अत्‍यंत दु:ख का विषय है कि अंधविश्‍वास को दूर करने में सहायक तकनीक और प्रौद्योगिकी का सबसे ज्‍यादा प्रयोग अंधविश्‍वास को फैलाने में हो रहा है। पढ़े-लिखे समाज के लिए शर्मनाक है यह, जहॉं आदमी अपने पुरूषार्थ के बजाए ऐसे फालतू के टोटकों के सहारे अपनी जिंदगी को चलाने के सपने देख रहा है।
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93 सुधी पाठकों की राय:

  1. very good post.lagata hai sab educated kam aur qualified jyada hai.....

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    1. abey yogesh gadhe anpar to tu hai.........

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    2. बेनामी1/03/2014 7:07 am

      Hehehehe, Yogesh is a RAJESH UNIVERSITY certified anpar, where is this university located in UK or US?

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  3. बेनामी1/06/2011 11:02 pm

    यहाँ कई ब्लॉग ऐसे हैं जो नक्षत्रों की चाल देखकर भूकंप, बाढ़, सूखा, बरसात की भविष्यवाणी करते हैं ,,, और वहां जो लोग दंडवत होते हैं वो सब पढ़े-लिखे लोग ही होते हैं. शिक्षित होना अलग बात है और समझदार होना अलग बात

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    1. main jyotish ko sahi manta hoon. lekin mujhe abhee tak eisa koi jyotishi nahi mila jo sateek bhavishyavaani ker sake. jinki bhavishyavaani sateek niklee voh kabhee janta ke samne nahi aate.

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  4. "अंधविश्‍वास को दूर करने में सहायक तकनीक और प्रौद्योगिकी का सबसे ज्‍यादा प्रयोग अंधविश्‍वास को फैलाने में हो रहा है।"

    सहमत हूँ आपसे.

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  5. पति को वश में करने का एक तरीका मुझे भी आता है। उसे एक साल तक घर का कोई काम मत करवाओ और न करने दो। वह आजीवन पत्नी का ही रहेगा।

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    1. बेनामी2/12/2014 5:27 pm

      ha ha ha

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    2. आप बहुत ही मामले में व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त कर चुके हैं भाई साहेब. लेकिन दिक्कत यही है की आप अपने पोस्ट में यह सब पहले नहीं बताते

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  6. बहुत खूब जाकिर भाई
    अपनी कुछ रचनाये यहाँ भी भेजे

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  7. चिंता न करें. शिक्षित लोग अब समझदार भी हो रहे हैं.

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  9. मैं ज्योतिषियों को दोष नहीं देता ... वो अपना काम कर रहे हैं ... यानि कि लोगों को बेवक़ूफ़ बनाकर पैसा रोजगार का काम ... दोष उन बेवकूफों का है जो इन बातों में विश्वास करते हैं ... जो लोग ज्योतिष में विश्वास करते हैं वो इसी लायक हैं कि उन्हें ठगा जाय ...

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    1. ye shi hai ki logo ko siily bnaya jata hai..par aapki jaankaari ke liye bta du ...ki ye science to hai...par spiritual ...apaka physical science avi ise bhaut der me samhega...par samjhega jarur...lal kita kholkar date, time,place ...agar original ho to dalkar dekhiye apko apke sawalo ka ansr mil jayega....nd plz dnt mind...

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  10. @@बेवकूफों की कमी नहीं कोई,
    एक खोजो हज़ार मिलते हैं।
    सही बात.

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    1. बेनामी3/16/2014 1:35 pm

      isla aaj sabse jyada DR. badnam hai.................
      Kasai accha kam karta hai??????????

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  11. हैरानी और भी बढ़ जाती है जब ऐसे अंधविश्वास फैलाने वाले लोग उसे वैज्ञानिक तथ्य कहने से भी नहीं चूकते हैं।

    न जाने इन्हें सद्बुद्धि किस सदी में प्राप्त होगी।

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  12. हद है...
    गावों से ज्यादा टोटके आजकल दिल्ली जैसे शहर में देखने को मिलती है... बंगाली, तांत्रिक, १०० प्रतिशत गारंटी के साथ टोटके बताते हैं....

    रही बात पति को वश में करने की तो चंडी पाठ करने से क्या होगा... चण्डी बनते ही पति अपने आप बेबस को जाता है...

    अच्छा मुद्दा उठाया आपने

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  13. अन्धविश्वास फ़ैलाने में अगर पढ़े लिखे लोग और सूचना तंत्र ही शामिल हो तो तब तो ऐसे हो होगा जैसे की खेत को बाड ही खाए जा रहा है .

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  14. अंधविश्वास दूर होंगे आपके प्रयासों से ऐसा विशवास है .नव वर्ष की शुभकामनाएं.

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  15. ... kahaan se khoj kar laate ho ... gambheer masaalaa ... maananaa padegaa rajnish ji !!

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  16. पोस्ट में लिए गए विषय प्रायः हर समय के सर्वाधिक जिज्ञासा वाले मुद्दे हैं। जीवन के वास्तविक यक्षप्रश्न ये ही हैं । इनके समाधान के प्रयास में ही कई आनुषंगिक विधाओं का विस्तार होता चला गया है। यह आश्चर्यजनक नहीं है कि कई अन्य विधाओं की ही तरह लाल क़िताब का के नुस्खे भी धीरे-धीरे प्रचलन से बाहर होते गए हैं। कारण स्पष्ट हैः जो समस्याएं हमारी मानवीय हैं,उनका समाधान दैवीय नहीं हो सकता।

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  17. बहुत खूब ज़ाकिर भाई, अच्छी क्लास ली है आपने लाल किताब की. :)
    कुछ काली किताब पर भी हो जाए.

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  18. Bahut hi achhi bat kahi hai apne. kafi had tak to pandito ki upaj hai apne roti ke jugad ke liye.

    lekin fir kuch totke sahi hote hain.

    apne office main Fitkari ka tukda rakhe appk kam achha chalega.

    kyonki is se aisi urja nikalti hai jo aapko hamesha urjawan banati hai

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  19. वह क्या बात है...अच्छी खबर ली है लाल किताब और टोटकों के........

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  20. न जाने इन्हें सद्बुद्धि किस सदी में प्राप्त होगी।

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  21. कहना बिलकुल साफ़ है कि,वह ब्लाग किसी ढोंगी-पाखंडी का होगा जो -
    दुनिया लोटो मक्कार से ,
    रोटी खाओ घी शक्कर से.
    वाले फार्मूले पर चलता होगा,मैं खुद इसी प्रकार के हथकंडों से अपने ब्लाग पर लोगों को सावधान करता हूँ.परन्तु हमारे शहर से ही सम्बंधित विदेश स्थित एक ब्लागर हमारे विरुद्ध पोंगा-पंडितों से दुश्चक्र चलवा रहा है.लेकिन पटकनी आखिरकार उसे मिलेगी ही.

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  22. अरे भाई , ये साइकोलोजीकल इलाज़ है, सूर्योदय में रोज जागेगा, पीपल के पेड तक रोज सुबह सुबह जायेगा तो --माइग्रेन व ब्लूद प्रेसर तो अपने आप ही कम हो जायेगा....सभी डाक्टर टहलने-घूमने-विज़ी रहने को कहते ही हैं ---बाकी ५०% गलती व मूर्ख मनाने की छूट तो सभी धन्धों में रहती है....

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  23. सब अन्धविश्वास है और कुछ नहीं.

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  24. हा . हा. हा. पत्नी इस पोस्ट को देखकर जिस उत्सुकता से बोली की दिखो इसे .............. बेचारी निराश हो गयी. ........... जाकिर भाई ऐसे नुक्शे सच के हो तब भी नहीं बताना .................

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  25. इस पोस्ट में एक बात अच्छी लगी...आपने 'हिंदी बेल्ट' लिखा है.....लोग इसका अनुवाद 'हिंदी पट्टी' कर देते हैं....जो मुझे बहुत अटपटा लगता है...कोई नया शब्द ढूंढें या फिर हिंदी प्रदेश भी लिख सकते हैं.

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  26. बाप रे बाप .. क्या क्या होता है इस देश में .... आपका धन्यवाद इस पोस्ट के लिए ....

    आपको और आपके परिवार को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ

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  27. पति को वश में करने वाली बात पर चिंता हुई थी पर आलेख पढकर निश्चिन्त हुआ :)

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  28. निषिद्ध, निषिद्ध विषय और उन पर निषेध के बजाय चर्चा की पोस्‍ट यहां, वहां, कहां नहीं.

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  29. भईया मैंने तो पहले दिन से ही अपने पति को वश में कर लिया है इसलिए मुझ पर और मेरे पति पर किसी बात का कोई असर नहीं होने वाला

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  30. बेनामी1/28/2011 9:29 am

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  31. बेनामी1/28/2011 9:29 am

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  32. बेनामी2/07/2011 4:31 pm

    jab aap kisi baat ko na samjhta ho to us par bolna acha nhi jeewan ma kuch bhe fix nhi hota ,hawa ko hum dekh nhi sakta par wo ha ,sirf wah wahi ka liya kuch ko galt bolna thik nhi.

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  35. वाह सिद्दार्थ क्या बात कही....सबको धो डाला ....बहुत सही...
    ---दीपक ने भी तर्कयुक्त बात कही है....
    --- आजकल का रिवाज़ होगया है कि व्यर्थ की पोस्टें लिख कर महान बना जाय....

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  36. सिद्धार्थ भाई, सिर्फ अपने ब्‍लॉग पर किताबो का उल्‍लेख करने से क्‍या होगा, क्‍यों नहीं आप ही उनपर अमल करते। या सम्‍भव हो तो बाबा रामदेव को ही वे किताबें बता दें। हो इसी बहाने देश में काला धन लौट आए। और अगर ऐसा हो गया, तो ये समय ही नहीं आने वाली पीडियां भी आपकी ऋणी रहेंगी।

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  37. आप बिलकुल सही काम कर रहे हैं लोगों को जागृत करने का । लाल किताब हो या अन्य कोई इन्सान को सिर्फ अपने पर और अपने काम पर विश्वास होना चाहिये ।

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  38. बेनामी1/29/2012 9:26 pm

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    1. बेनामी8/17/2012 8:34 pm

      wow...........anonymous.........i like ur post.....

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  39. sangeeta sharma2/09/2012 12:23 am

    ager aap padhe likhe logo ko joytesh per belive nahe hai to us ke burai kiyu kerte hai bina jane kise k bare us ko galat kase bol sakte hai ?

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    1. prashant jain8/17/2012 8:35 pm

      nice answer.....i agreee....

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    2. vijata narayan3/16/2014 1:48 pm

      pat bhara ho to sub galat dikta hai.
      keon dunia bhar ki rasme nibha kar dhonge karta hai?

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  40. बेनामी3/20/2012 8:19 pm

    jyotish to hai sahi par har koi sahin jankari nahi rakhta

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  41. बेनामी4/26/2012 11:26 am

    jab tak aap sach se wakif na ho dusro ko mat khe k sach hai zakir bhai, wo kisi shayr ne kha hai na
    " kehta hu jo zahir hai
    na pahucha ab talk mai bhi
    mai kuch bhi keh nahi pata
    gar usko pa gaya hota
    ye duniya mujko nahi bhati
    gar mai usko bha gaya hota"
    matlab to ye hai k jo sab log lal kitab ke bare mai likh ya bol rahe hai ye pakka nahi hai k wo sab kuch jante hai
    par ye jarur pakka hai k jo puri treh se jante hai wo nahi likh rahe hai
    tahnks

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  42. इन टोटकों को नहीं मानता लेकिन भारत के हुक्मरानों को सद्बुद्धि दिलाने का कोई टोटका है तो जरुर बताना - मैं पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ करूँगा |

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    1. bura mat manna anand ji mai v bina jache parkhe kisi chees me vishwas nahi karta hun!! ek totka mere pass hai jisse hukmarano ko sabudhi mil sakti hai!! parntu suruaat aap honge tab.Karna ye hai ki aap logo ko imandari ka path padhana suru kijiye khud v baniye aur aur logo se boliye ki aaspas ke logo ko imandar banye just like networking!! aapka sapna sach hoga!!!

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    2. bilkul sahi baat without no bakwash.

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  44. जब तक किसी को चोट नहीं लगती तब तक हर आदमी सोचता है,की चोट नाम की कोई चीज नहीं होती.जब उस पर समय की चोट लगती हैं तब पता चलता हैं की हा चोट नाम की भी कोई चीज होती है.इस दुनिया में अगर भगवान हैं तो शेतान भी हैं.गंगा को गंगा मानोगे तो गंगा हैं,नहीं तो केवल बहता पानी हैं. यदि किसी ने अपनी मुसीबत में इनमे से कोई उपाय किया हो और उसे फायदा न हुआ हो तो बतलाओ. मैंने तो जो भी उपाय किया समय के हिसाब से १००% फायदा हुआ हैं.
    और में तो ये ही कहुगा यहाँ जिसने भी कमेन्ट किया हैं उनमे से किसी ने भी कभी कोई उपाय नहीं किया होगा,
    आखिर बन्दर क्या जाने अदरक का स्वाद ..............

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    उत्तर
    1. वर्मा जी, अदरक वाले मुहावरे का उदाहरण देने से अच्‍छा है, आप अपना अनुभव बताएं कि आपको क्‍या फायदा हुआ और कैसे हुआ। उसे हम लोग भी टेस्‍ट कर लेंगे। इसी बहाने दूध का दूध और पानी का पानी भी हो जाएगा और आपको भी सुकून मिल जाएगा कि बिना परीक्षण किए ऐसी बात नही कही जा रही।

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  45. BHAI YAHAN YAD RAKHANE WALI BAT YE HAI KI HAM US BHARAT KE WASHI HAIN, JIS ME RISHI-MUNI HAJARON SAAL EK PANV PAR KHADE HOKAR TAPSYA KARTE THE , AGR KOI PARTICULAR BOOK APNE TOTKE SAHI BATATI HAI TO, UPAR DIYE TOTKE KE BARE ME JO COMMENT THE VO COMMENT PARTICULAR BOOK KE TOTKO PAR BHI LAGU HOTE HOTE HAI !

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  46. लाल किताब फालतू है, अगर गहराई से हिन्दू ग्रंथो का अधायन करें तो वँहा किसी तरह का टोटका नही मिलेगा. कुछ लोग जो धर्म के नाम पे अपनी दुकान चलते हैं वही इसे वैज्ञानिक सम्मत बता कर लोगो को बेवकूफ बनाते है.
    हिन्दू ग्रंथो ने जो आज से हजारो साल पहले सोचा था ओ आज वास्तविक रूप में देखते है, लेकिन लाल किताब केवल कुछ लोग अपने आप को लाल करने के लिये झूठे प्रचार और प्रसार का सहारा लेते हैं.

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  47. astrology is a perfect science . astrologers can be wrong but astrology never wrong.
    yadi aisa na hota to aaj USA mein astrology pe research president ke under me ek ministry bana ke ho rahi hain
    germany me sare ved and astrology india ke le ke gain and hindi univercity tak bana ke research kar rahe we sab pagal to nahin hain
    astrology work karti hain poori tarah se aapko astrologer sahi mil jain bas
    and lalkitab is not a part of astrology or lal kitab astrology ahin hi nahin lal kitab to angrejon ke jamane se aai hain
    vedic astrology hajaron saal purani hain

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  48. अश्विनी भाई, अगर एस्‍ट्रोलाजी यानी भविष्‍य वाचन एक साइंस है, तो यह कैसे सम्‍भव है कि कोई खरा एस्‍ट्रोलॉजर यानी भविष्‍यवक्‍ता न मिले? इसका तो सीधा सा मतलब यही नहीं निकलता है कि जो चीज प्रूव न हो पाए, उसी में....

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    उत्तर
    1. DEEPAK
      MR ZAKIR OHHHH SORRY DR ZAKIR ALI RAJNISH JEEE VIGYAN SAMUDAY KE AGRINI LOGO MEIN SE AAP EK LAGTEIN HEIN
      LAGTA HAI DUNIYA BHAR KA SCIENCE AAAPME SAMAYA HUA HAI ISLIYE JO CHEEJ AAPKO NAJAR NAHEEN AATEEE OR JIS CHEEJ KO AAP PROOVE NAHEEN KAR SAKTE WO US CHEEJ KA TO KOI ASTITVA HO HEE NAHEEN SAKTA..... KYON YEHE KAH RAHE HEIN NA AAP
      CHALIYE YE BATAIYE KE LAAL KITAB KE ALAWA APKOOO OR KON SE AISE PRACHEEN GRANTH HEIN JO AVAGYANIK LAGTEIN HEIN.............DARASAL YE BAAT KEHNA KE JAHAN TAK HUMAREE SAMAJH HAI OR JIN CHEEJON KO HUM DEKH SAKTEIN HEIN WO HE IS DUNIYA MEIN HEIN OR BAKEE SAB GALAT HAI........ YE VICHAR HE KHUD APNE AAP MEIN AVEGYANIK HAI TO MR ZAKIR ALI RAJNEESH JEE..... DOOSRE SHABDON MEIN KAHA JAYE TO AAPKO APNEE THODE SE PADHAI MEIN GHAMAND HO GAYA HAI SACHHAI YE HAI KE PRACHEEN GRANTH POOREE TARAH SE SCINTIFIC HEIN OR RAHENGE
      PATA NAHEEN MERE PICHLEE POST AAPKO MIL RAHEEN HAI YA NAHEEN TO LEEJIYE PHIR SE MEIN AAPKO EK BAAT BATATA HOON

      HANUMAN CHALISA MEIN EK SHLOK AATA HAI
      "LAL DEH LALEEE LASE ARU DHAREE LAL LANGOOR
      VAJRAH DEH DANAV DALAN JAI JAI JAI KAPEE SOOR"

      AAJ KE SCIENCE NEIN ABHEE KUCH SAMAY PEHLE HEE YE PATA LAGAYA HAI KE MANGAL GRAH EK LAL GRAH YA RED PLANET HAI
      JABKEE HANUMAAN CHALISA JAB BANEE THEE TO LOGON KE PAAS ITNEE TECHNOLOGY NAHEEN THE KE WO YE SUB JAAN PAYEIN
      PHIR UNHONE NE MANGAL VAAR KE DEVTA HANUMAN JE KO LAL COLOUR YANEE RED COLOUR SE KAISE ASSOCIATE KIYA ISKA MATLAB TO YE HUA KE AB KA SCIENCE PURANE SCIENCE SE KAFEE PEECHE HAI OR JITNE BHE GRANTH HEIN UNMEIN SUCHHAI HAI PHIR CHAHEY WO AYURVED HO ... LAL KITAB HOO.......YA YOGA....
      AAJ HUM UNHEIN SCIENTIFICALLY PROVE NAHEEN KAR SAKTEIN YA HUMARA SCIENCE ABHEE ITNA POWERFUL NAHEEN HUA HAI
      ISKA MATALAB YE NAHEEN KE YE GRANTH OR PRACHEEN KITABEIN KISEE NEIN YOOON HE LIKH DEE
      ANT MEIN YEHEE KEHNA CHAHOONGA
      AAAP EK GHAMANDEE INSAAN HEIN JISNE THODE BAHUT KITABEIN PAD LE
      OR JO SOCHTEIN HEIN KE DUNIYA MEIN SAARA SCIENE APKO HE PATA HAI

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    2. दीपक जी, किसी एक समय में पैदा हुए सारे लाग इंटेलीजेन्‍ट नहीं होते, इसे यूं भी कह सकते हैं कि किसी एक समय में पैदा हुए सभी लेखक इंटेलीजेन्‍ट नहीं होते। फिर यह आग्रह क्‍यों कि कोई किताब पुराने समय में लिखी गयी है, तो वह उपयोगी ही होगी। इसलिए बडे-बडे शब्‍दों में लम्‍बी चौडी बात कहने से अच्‍छा है कि आप सारगर्भित और प्रामाणिक बात करें, इससे आपका भी समय खराब नहीं होगा और मेरा भी....

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    3. Lal Kitab Student8/31/2013 9:15 am

      श्रीमान डॉ जाकिर अली रजनीश जी, आपसे एक विनम्र निवेदन है कि कृपया आप अपने इस वैज्ञानिक दुनिया से जुड़े ब्लॉग के माध्यम से लोगों को लाल किताब के सिद्ध टोटके नामक, जो प्रसिद्ध ब्लॉग पोस्ट ६ जनवरी २०११ को प्रकाशित की है, शायद उसमे इस बात का हवाला देना भूल गए की ये सिद्ध टोटके लाल किताब में किस पृष्ठ क्रमांक संख्या में लिखे हैं?,एवं ये लाल किताब किस प्रकाशक द्वारा ? किस वर्ष प्रकाशित हुई है? इस बात का हवाला अवश्य दें ,एवं संभव हो सके तो कोई लिंक अपनी इस पोस्ट के साथ अपने कमेंट बॉक्स में लिखें.
      जिससे हम जैसे वैज्ञानिक ज्ञान के इच्छुक लोग जो आपके इस ब्लॉग पर आते है स्वयं को आप जी के द्वारा मार्गदर्शित समझेंगे एवं इस प्रकार के छद्म विज्ञान (Pseudoscience) ज्योतिष इत्यादि .. को सीखने में जो समय लगा रहें है वो आपके वैज्ञानिक दुनिया में देकर आपका मार्गदर्शन प्राप्त कर सकें!

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    4. श्रीमान Lal Kitab Student जी इस पोस्‍ट के अंत में ही बोल्‍ड फार्म में इस मैटर के श्रोत के बारे में लिखा हुआ है-
      ये सभी उपाय मुझे 'लाल किताब' से नहीं मिले हैं। इन्‍हें मैंने एक ब्‍लॉग पर पढ़ा है। और यह बताते हुए मुझे बहुत दु:ख हो रहा है कि यह पोस्‍ट जागरण जंक्‍शन पर सर्वाधिक पढ़ी जाने वाली पोस्‍टों में प्रमुख है।
      हां, इस पोस्‍ट में उस ब्‍लॉग अथवा पोस्‍ट का लिंक इसलिए नहीं दिया गया, क्‍योंकि उससे उस अंधविश्‍वास फैलाने ब्‍लॉग का प्रचार ही होता।

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  49. बेनामी7/25/2013 11:24 pm

    majburi mein jo fasta hai wo hee in chijo ki taraf chala jata hai...lekin insan khud ke kie karmo ko bhul jata hai.....or ye yad nhi rakhta .....ki jo insan ke andar hai...usse bda nhi samundar hai...

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  50. बेनामी8/01/2013 12:19 pm

    bawasir ka achook upay
    ek kaale kutte ki poonch par kala namak laga kar chatt lo magar ek baat ka khaas dhyan rakhna k kala namak mdh ka hi hona chahiye ye upay lahgatar 99 saturday ko raat ke 12 baje se 12:30 k beech me hi karna or phir dekhna apki bawasir kutte ko lag jaegi or apki thek ho jaegi
    iss nuskhe ko ajmane ke baad yadi kisi insaan athva kisi kutte ki tabiyat kharab ho jae to me jimmedar nahi hoon

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  51. Hello dosto!
    aap log kyon bekaar me lad-jhagad rahe ho???.. Jyotish bhi ek Science hi hai, lekin aaj ke kuch chaal baazo ne jo apne aap ko pandit ya Guruji, saastryaji batate hai paisaa kamane ke liye khud hi anaaf sanaaf rull ya upaya bana dale. Agar ye itne hi bhavishya vakta hai to jara inse puchho ki Hindustaan ab tak jitne bomb blast huye hai wo kinhone kiye??? ya aage kahin esi koi ghatna honi hai to bataye...! Taaki un apradhiyo ko pakda ja sake...? Bhala kabhi tala (lock) kholne se kismat khul sakti hai kyaa....? kye log to bas pareshaan logo ko jhaanse me lakar unka dhyaan anaaf-sanaaf kaam karwate rahte hai, aur pareshani me ko bhi insaan bewkoof ban jata hai...haina dosto...

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  52. sir aapne jo kahahai wo thik hai par aapke pass itna time hota hai ki aap pass en totko ko padhne ka time hai phir me kuch nahi kwhta

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  53. sir aapne jo kaha wo thik hai par sir aapke pass en lalkitab ke totke ya other totke padhne ka time hota hai jis par aap jo likhte hai

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  54. Res.sir hum mante hai ki bhagya se badkar zindgi me kuch bhinahi hai ye sab kriya karne se accha hai apan apne karmo ko aachran ko sudhre kisi jarurat mand ki madad karke kisi pareshaan insaan ki problems hal karke or bhi bahut kuch kismat automatic apne karmo ke aadhar par apna saath degi pehle mai bhi in sab chizo ko bahut manta tha par dekha dusro ko maalamal banane wale khud kangaal hai nahi to ye khud hi zole le lekar kyo ghumte fir rahe hai pehle khud hi maalamal ho jate tab se maine sirf karmo par vishwash karna sikh liya

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  55. sabsea bara bhagwan admi jabj anam leta hai sukh dukh do no ka fal bhagwan uskea bhag sea usko milta hai agar koie pareshanhai iska matlab black magick nahi uska iskea phela ka janam ka fal usko milraha hai kuch admi become heavy rich hotea kya unko dukh nehi hai mea kheti ho hai aur jo poor hai unkea pass dokh ka bhandar hai lekin bhagwan ko hamesha puja karna humlog ka rule hai achea karam ka acha fal bura karam ka bura fal bhagwan deta god watching everymoment

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  56. jab insan paresan hota hay to use kuch samajh nahi aata koi kahta hay ki bhagwan hay koi kahta hay ki vizyan hay is bhagwan auor vizyan ke chakkar me aadmi ghun ki tarah pista ja raha hay 1 rasta dikhane ki bat karta hay todusra rasta dikhane walo ko bewkoof batata hay ....

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  57. jab insan ka bura samay aata hay to use kuch samajh me nahi aata use lagta hay ki koi to ho aisa jo rasta dikha de koi kahta hay ki bhagwan ka rasta chuno koi kahata hay ki vizyan ka rasta chuno ik rasta dikhata hay to dusra rasta dikhane walo ko bewkoof bata hay ye bhagwan auor vizyan ke chakkar me aam aadmi do pato me genhu ki tarah pista chala ja raha hay ..

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  58. में किसी से सहमत या असहमत नहीं हूँ, पर अगर कुंडली से भविष्य बताया जा सकता है तो आजकल एक ही अस्पताल में एक ही समय पर 10-12 बच्चे जनम लेते हैं | ज्योतिष के अनुसार उनकी कुंडली एक जैसी होगी ! तो क्या उन सबका भविष्य एक जैसा होगा ? ? ?

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  59. hahha h a ha ha ,,,,,,,,,,YE LAL KITAB KISNEY LIKHI HAI ISKA WRITER KON HAI

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वैज्ञानिक चेतना को समर्पित इस यज्ञ में आपकी आहुति (टिप्पणी) के लिए अग्रिम धन्यवाद। आशा है आपका यह स्नेहभाव सदैव बना रहेगा।

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