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'कामाख्‍या देश कामाख्‍या देवी,
जहां बसे इस्‍माइल जोगी,
 इस्‍माइल जोगी ने लगाई फुलवारी,
 फूल तोडे लोना चमारी,
जो इस फूल को सूँघे बास,
 तिस का मन रहे हमारे पास,
 महल छोडे, घर छोडे, आँगन छोडे,
 लोक कुटुम्‍ब की लाज छोडे,
दुआई लोना चमारी की,
 धनवन्‍तरि की दुहाई फिरै।'
 ''किसी भी शनिवार से शुरू करके 31 दिनों तक नित्‍य 1144 बार मंत्र का जाप करें तथा लोबान, दीप और शराब रखें, फिर किसी फूल को 50 बार अभिमंत्रित करके स्‍त्री को दे दें। वह उस फूल को सूँघते ही वश में हो जाएगी।'' 

उक्‍त मंत्र और प्रयोग विधि मुझे मिली है मोहल्‍ले के एक लडके से, जिसने किसी तांत्रिक को 501 रू0 दक्षिणा देने के बाद उसने हासिल किया है। अब आप पूछोगे कि यह मंत्र मेरे हाथ कैसे लगा। तो सुनिए... 



दरअसल वह लडका पास के ही एक मोहल्‍ले की एक शादी शुदा स्‍त्री से प्‍यार करता है। शुरू शुरू में उस स्‍त्री ने लडके को थोडी लिफट दी, फिर पति के सामने राज खुल जाने के डर से उसने उस लडके से मिलना जुलना बंद कर दिया। इससे दुखी होकर लडके ने एक तांत्रिक की शरण ली और अपनी रूठी हुई प्रेमिका को अपने वश में करने के लिए यह मंत्र हथिया लाया। 

हुआ यूँ कि एक दिन इस मंत्र का जाप करते हुए उसके एक साथी ने देख लिया। उसने अपने दोस्‍तों के सामने उसे चिढाना शुरू कर दिया। इस तरह से यह बात लोगों में फैल गयी। मैंने इस शर्त पर कि इस मंत्र को किसी को नहीं बताउंगा, लेकर आया हूँ। 

अब आते हैं बात के असली मुददे पर। यदि मंत्र में बताई गयी विधि के अनुसार वह लडका उचित ढंग से उसका पाठ करके अभिमंत्रित फूल को अपनी प्रेमिका को सुंघा देता है, तो क्‍या वह स्‍त्री अपने पति को छोडकर उस लडके को अपना लेगी? मेरा सवाल यह है कि क्‍या ऐसा होगा? ऐसा होगा तो किस शक्ति के कारण होगा? इश्‍वरीय शक्ति अथवा शैतानी शक्ति से? यदि ईश्‍वरीय शक्ति से ऐसा होगा, तो क्‍या इस तरह की शक्ति स्‍वयं ईश्‍वर की व्‍यवस्‍था के लिए चुनौती नहीं है? 

यदि ऐसा शैतानी शक्ति से होगा, तो क्‍या यह शक्ति ईश्‍वर के लिए चुनौती नहीं है? और सबसे बडी बात यह कि क्‍या कोई भी शक्ति सामाजिक ताना बाना छिन्‍न भिन्‍न करने की शक्ति रखती है? यदि हॉं, तो क्‍या इस तरह की शक्ति का प्रदर्शन करने वाले लोगों को ईश्‍वर द्वारा सबक नहीं सिखाना चाहिए? अथवा इस तरह की घटनाओं को प्रोत्‍साहित करने वाले लोगों के साथ कैसा बर्ताव करना चाहिए? इसके साथ ही साथ यदि इस तरह की घटनाऍं सम्‍भव नहीं हैं, तो भी इस तरह के बाबा अथवा तांत्रिक किस प्रकार से सदियों से मनुष्‍यों को बेवकूफ बनाने में सफल रहे हैं? आप सबके जवाबों का इंतजार रहेगा।
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  1. यह सवाल उठाना सही है। मेरे विचार से इस तरह की फालतू चीज़े पैदा कर के भगवान भी हमारी परीक्षा लेता है कि हम में कितना विवेक है ईश्वरीय शक्ति या शैतान शक्ति की ओर बढ़ने का। अंततः हर राक्षस का अन्त हुआ है इसी प्रकार शैतान शक्तियों को बढ़ावा देने वालों का भी अन्त होता है ऐसा मेरा मानना है। शक्तियों का अन्त नहीं होता। वह बस हमारी परीक्षा का लिए आस-पास बनीं रहती हैं।

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    1. rani ji i,m agree but evil is borden goodwill
      shiv kripa

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    2. rani ji i,m agree but evil is borden goodwill
      shiv kripa

      हटाएं
  2. मुझे पहले उस लड़के से मिलवाओ फिर सही बात का पता चले...

    ;)


    ---
    तख़लीक़-ए-नज़र

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  3. कैसे भरोसा कर लेते हैं लोग इन सब पर !

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  4. आज आपके नए पोस्ट की फीड नहीं मिल रही है !



    बच्चे का क्या दोष ?

    बचपन से ही ऐसी ही जादुई और चमत्कारी कहानियां सुनकर सब बड़े होते हैं ! हमारे सारे धार्मिक ग्रन्थ क्या हैं ... महज चमत्कारों का पोथन्ना मात्र ! बच्चे जो कामिक्स पढ़ते हैं उसमें भी परी कथाओं जैसी चमत्कारी बातें ! पढ़-लिखकर बड़े होने के बावजूद भी दिलो दिमाग से ऐसी बातें निकल नहीं पातीं !

    पूरी जिन्दगी चमत्कार की आशा करते रहते हैं ! किसी ने कहा गणेश जी दूध पी रहे हैं बस भागे नंगे पाँव दूध की बाल्टी लेकर ! किसी ने कहा बकरे के शरीर पर अल्लाह लिखा है बस बकरे का रेट पहुँच गया ९०००० रुपये ! किसी के यहाँ विकृत बच्चे ने जन्म लिया बस देवता का प्रतिरूप मानकर चढावा आना शुरू हो गया ! पुनर्जन्म के किस्से तो इतने सारे कि कुछ पूछिए ही नहीं ! हँसी की बात यह है कि अगर आप दर्शक न होकर एक अन्वेषक के तौर पर सिरा पकड़कर सच्चाई का पता लगायेंगे तो हाथ आता है ... घंटा ! यह सब इसलिए कह रहा हूँ कि इस तरह की टाईम और पैसा बर्बाद करने वाली चूतियापंती बहुत कर चुका हूँ !

    इसी मनोविज्ञान का सहारा लेकर धूर्त और मक्कार लोग फायदा उठाते हैं ! इतनी अक्ल नहीं लगा पाते ये अबोध की अगर इन तांत्रिकों में ऐसी कोई शक्ति होती तो लादेन को पकड़ने के लिए जॉर्ज बुश काहे हलकान होते ! जिस काम के लिए तांत्रिक ५०० ले रहा है उसी काम के लिए करोड़ों रुपये न कमाता ?

    शैतानी शक्ति का वजूद होता तो क्या दुनिया कायम रह पाती ? जो शैतान दूरदराज के गाँव में किसी छप्पर में आग लगा सकता है वो क्या कोई पेट्रोल पम्प में आग नहीं लगा सकता ?

    इस बच्चे को तो बहुत आसान सा नुस्खा मिला वरना मानसिक रूप से दिवालिया हुए लोग तो कौवे की चोंच ... उल्लू के पंजे .... शमशान की राख .... और पता नहीं क्या क्या उल-जलूल हरकतें करते हैं ! मेरे एक दोस्त से तो एक तांत्रिक ने कहा कि तू जाकर लडकी के थोड़े से बाल और उसका इस्तेमाल किया हुआ कोई कपडा ले आ .. फिर देख लडकी कैसे तेरे पैरों में आकर गिरती है ! अब भैया मत पूछो कि दोस्त के दिमाग में यह सब बेशकीमती आईटम प्राप्त करने के लिए कैसे-कैसे आईडिये आते थे ........ !

    अक्सर मैं अखबार में पढता रहता हूँ कि फलाना बाबा ने अमुक को ठगा ! कितने तो सोना दोगुना कराने के चक्कर में लुट जाते हैं .... और यह सब महानगरों में होता है ,,,,

    मैं सच कहता हूँ ऐसे भुक्तभोगियों के साथ मेरी जरा भी सिम्पैथी नहीं होती ! मन तो करता है कान के नीचे टिका के एक कंटाप और लगा दूं !

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  5. अभी तो आपनें शुरू किया है ,अभी कितने मंजर सामने आयेंगे .

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  6. भाई लगता है ये तांतरिक तो ताऊ से भी कोई बडा ताऊ है जो बच्चों को ऐसी बाते सीखाकर लूटता है.
    नासमझी और नादानी शायद इसी को कहते होंगे?

    रामराम.

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  7. मुझे तो संगीता जी की प्रतीक्षा है। शायद वे कोई विशेषज्ञ टिप्पणी करें।

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  8. mere blog par ane aur tippani ke liye dhanyawad ......apka blog padha.....shandar......badhai....social awareness ke liye mein aur mere cartoons apke kam aa saken to jaroor bataiyega

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  9. आपने बहुत सही मुद्दा उठाया है. मैं भी कुछ प्रश्नों को लेकर बहुत बेचैन होता हूं--ईश्वर के सारे अवतार क्षत्रिय क्यों हैं? काछी,कुम्हार,पासी, चमार क्यों नहीं?
    2-ईश्वर को चुनौती देने वाली शक्ति अगर है तो उसे किसने बनाया?
    3-अगर सब कुछ ईश्वर ने बनाया है तो नियम-कानून बनाने वाले हम कौन हैं.चोरी,हत्या-लूट की सज़ा देना क्या सही है?
    प्रकाश गोविन्द जी ने बिल्कुल मन की बातें लिख्री हैं.

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  10. यह सब बकवास ही है...इस मन्त्र को पढें तो बेहद अजीबो गरीब सा है.लेकिन लोग हैं जो इन सब बातों पर विश्वास कर रहे हैं जिस से इन ढगों को बढावा मिल रहा है.इतना तंत्र मन्त्र कर सकते हैं तो खुद किसी चमत्कार से ढेर सारे पैसे क्यूँ नहीं बना लेते !
    एक महाठग की कहानी तो बिलकुल ताज़ा है..रोज़ समाचार आ रहे हैं..जो खुद को चमत्कारी बता कर पैसे डबल करता था..इस आधुनिक वैज्ञानिक २१ वि सदी में कैसे यह सब बातें अभी भी लोग मान जाते हैं??

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  11. मैंने पिछली पोस्ट भी देखी, आपने बहुत शीघ्र अगली पोस्ट लिख दी .....

    गोविन्द जी को मैं काफी अरसे से जानता हूँ, जितने जमीन से ऊपर हैं उससे कई मील जमीन के भीतर हैं,
    इन्होने एक दिलचस्प बात आप सबको बतायी ही नहीं. गोविन्द जी खुद भी बहुत बड़े तांत्रिक हैं, वो तो अच्छा हुआ कि इन्होने अपने तंत्र-मंत्र का खुलासा कर दिया, वरना मैं तो हतप्रभ रह गया था, इनको ऐसे-ऐसे करिश्मे आते हैं कि अगर गाँव - देहात में चले जाएँ तो लोग इनका चंदा करके आश्रम बनवा दें, ......... नीबू काटते ही खून का निकलना .... . नारियल से धुआं निकलना ...... ताबीज से राख निकलना .... पानी में आग लगाना और भी बहुत कुछ ! वो तो इन्होने इन सबका राज बता दिया मुझे वरना मैं तो भौंचक्का रह गया था ... इसी तरह ताश के ऐसे ऐसे जादू कि आप सर पकड़ के बैठ जाएँ लेकिन पता न चले कि किया कैसे ........ ताश वाले जादू का राज तो मुझे भी नहीं बताया गोविन्द जी ने

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  12. ऐसी पोस्ट्स न जाने कितनों की उम्मीदों को तोड़ देंगी, फिर अब किसकी शरण में जायेंगे वे !

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  13. भाई गर बुरा न माने तो मै ताबीज गंडो पर विश्वास नहीं करता हूँ . दुनिया के सभी ग्रथों में लिखा है अच्छे कर्मो का अच्छा नतीजा और बुरे का बुरा नतीजा होता है . स्वकर्म से भाग्य भी बदले जा सकते है इस पर मेरा अधिक विश्वास है .

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  14. उत्तर
    1. Dekhiye
      Shefali g m aap se jyada kuch ni kah kar bas itna hi kahunga ki ye Jo
      vasikaran ki bat kahi h vo sahi h aur iska past - present udarahan
      aasaram ke rup me dekhne ko mil raha h

      हटाएं
  15. प्रिय बन्धु
    जय हिंद
    आपका ब्लॉग वैज्ञानिक चेतना को समर्पित है इसलिए मुझे पसंद है ,मैंने सबके कमेन्ट भी पढ़े ,अफ़सोस केवल एक बात का हुआ - किसी के पास इस क्षेत्र में ज्ञान नहीं है , मंत्रों में शक्ति होती है ,ये मन्त्र एक हथियार हैं जिनके संचालन का अपना तरीका होता है ,यह विद्या हमारे प्राचीनतम इतिहास में रही है ,किन्तु वे आविष्कारक यह जान गये थे की आने वाली नस्ल इनका सदुपयोग नहीं कर सकेगी ,अतः हमें वह विद्या उन्होंने दी ही नहीं ,आज हमारे इन्ही मंत्रों के आधार पर जर्मनी में कुछ मशीने बनी हैं ,और आने वाले समय में वही मशीने हम लाखों देकर खरीदेंगे ,मंत्रों पर शोध की जरूरत है मित्रों अगर आप अपने अन्नदाता किसानों और धरती माँ का कर्ज उतारना चाहते हैं तो कृपया मेरासमस्त पर पधारिये और जानकारियों का खुद भी लाभ उठाएं तथा किसानों एवं रोगियों को भी लाभान्वित करें

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  16. बेनामी6/05/2009 10:22 pm

    Mr. Zakir you should be master of your religion. However you never said anything about that. Is your religious book Kuran and other practices of Islam are scientifically tested and proven right? If not, then why don’t you criticize that? If yes, then why don’t you bring that to our notice?
    I agree with your post. But why you are targeting only Hindus.

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  17. प्यारे बेनामी के नाम

    आपने ऐसा कुछ भी नहीं कहा कि आपको अपना परिचय छुपाना पड़े !
    यह बात आप सामने आकर भी कह सकते थे !

    मेरे भाई यहाँ सवाल धर्म का है ही नहीं ! हिन्दू-मुस्लिम की बात कहाँ से आ गयी ! यह तो अनावश्यक एक सार्थक बहस को दूसरी तरफ मोड़ने वाली बात हो गयी ! इसमें हिन्दुओं को निशाना कहाँ बनाया गया है ? शायद आपसे समझने में भूल हो गयी ! इस तंत्र-मंत्र और ताबीज के खेल में सभी शामिल हैं ! धर्म का इन चीजों से क्या वास्ता ?

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  18. मनु भैया आप भी कहाँ मुझे लपेटे में ले रहे हैं ! मैं कोई तंत्र-मंत्र नहीं जानता !

    जो कुछ मैं जानता हूँ वो भले ही शायद रजनीश भाई न जानते हों लेकिन मुझे यकीन है कि श्री अरविन्द मिश्र जी अवश्य जानते होंगे ! जो कुछ मैं जानता हूँ वो सिर्फ रसायन विज्ञान का जादू है ! यह सब भी मुझे इसलिए जानना पड़ा क्योंकि तमाशा भीतर तक घुस कर देखने की पैदाईशी बीमारी है !

    हस्त रेखा ... अंक ज्योतिष ...कुण्डली... वास्तु इत्यादि को भी समझना पड़ा ! कोई बात हवा में तो नहीं की जा सकती न !

    आखिर में अपनी बात को समाप्त करते हुए इतना ही कहना चाहूंगा कि इन सब को हाईलाईट करने में मीडिया का तो पूरा योगदान है ही , इसके अलावा नामी-गिरामी लोग भी अपनी हरकतों से इसको बढावा दे रहे हैं !

    आपको याद होगा सदी के महानायक ने अपनी बहू के मांगलिक दोष के निवारण हेतु पीपल से विवाह का अनुष्ठान संपन्न किया था और मीडिया भरपूर कवरेज़ दे रहा था ! इसी तरह जब यह महानायक नंगे पैर सपरिवार सिद्धिविनायक मंदिर जाता है तो मीडिया अपना सारा काम-काज छोड़कर पीछे-पीछे चल देता है ! इससे जनता में क्या सन्देश जाता है ?

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  19. कुरान टी वी पर भी ऐसे कई उपाय सझाए जाते हैं जिस से परेशानियों से निजात पाने की बात कही जाती है।इस के लिए मौलवी जी कुरान की आयतों का सहारा लेते हैं।वैसे देखा जाए तो तंत्र मंत्र सभी धर्मो मे मान्य ही है।

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  20. तस्लीम भाई, बच्चे ने पांच सौ खर्च किये और आपने मुफ्त में ही मंतर-कालांतर जग-ज़ाहिर कर दिया, ये भला क्या बात हुई. खैर, अब बच्चे को समझा दीजिये कि अपनी संगत सुधारे और उस तांत्रिक को भी.

    अलका सरवत मिश्र जी की जर्मनी की मन्त्र-मशीनों की बात ने उत्सुकता बढा दी. अगर उनकी बात सच है तब तो रूस, अमेरिका, फ्रांस, जापान, ब्रिटेन, और चीन आदि को पीछे छोड़कर अगला दशक जर्मनी का ही होगा.

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  21. ईश्‍वर क्या है, शैतानी शक्ति क्या है, धरती का निजाम कैसे चलता है, कैसे कोई चीज़ शुरू होती है, अपने उरूज़ पर पहुँचती है और एक दिन ख़त्म हो जाती है. भाईजान, इन सवालों के जवाब पहले ही ढूंढें और दिए जा चुके हैं. लगता है आपको धर्म की मूल बातों का बिलकुल भी पता नहीं है.

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  22. @अनाम भाई !
    मैं एक हिन्दू हूँ और ज़ाकिर को भी हिन्दू मानता हूँ या इसे यूं भी ले सकते हैं की जाकिर एक मुसलमान है और वे मुझे मुसलमान मानते हैं ! और सच कहूं तो पारम्परिक अर्थो मैं न तो मैं हिन्दू हूँ और न ही वे मुसलमान ! हम एक नए धर्म की नुमायन्दगी करते हैं वह है विज्ञान धर्म !
    गंडे ताबीज मुसलामानों के बीच भी उतना ही प्रचलित हैं जैसा की मेरी जानकारी है ! हाँ उनके मनोवैज्ञानिक - उपचार की क्षमता पर कोई शक अब नहीं है !
    और वैज्ञानिक अब इसी नजरिये से इस पारम्परिक ज्ञान को ले रहे हैं -मैंने एक फिल्म देखी थी -भूल भुलैया उसे देखने की सिफारिश करता हूँ ! जो इस विषय पर अब तक बनी एक बेहतरीन फिल्म है !

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  23. आसानी से हर बात ,हर चीज को पाने की लालसा इस तरह के बाबा कपटी लोगो की शरण में ले जाती है ..जो अपने स्वार्थ के लिए इस तरह से पगला देते हैं ..

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  24. इंसान एक तो गलतियों का पुतला है, फिर इंसान बेवकूफ बनता है इसलिए उसको बेवकूफ बनाया जाता है। वैसे भी एक कहावत है कि जब तक बेवकूफ जिंदा हैं अक्लमंद कभी भूखे नहीं मर सकते हैं। तंत्र-मंत्र के चक्कर में तो जनाब अच्छे खासे पढ़े-लिखे लोग पड़ जाते हैं। फिर जहां पर प्यार-मोहब्बत की बात आती है तो प्यार करने वालों को ऐसा लगता है कि क्या मालूम कौन सी चीज उनको अपने प्रेमी या प्रेमिका के करीब ला दे, या मिलाने का काम कर दे। ऐसे में बेचारे ऐेसे निरीह प्राणी बन जाते हैं बेवकूफ। इसमें कोई दो मत नहीं है कि इस दुनिया में जहां ईश्वरी शक्ति है, वहीं शैतानी शक्ति भी है, लेकिन जीत हमेशा से ईश्वरीय शक्ति की होती रही है और होती रहेगी, भले कुछ समय के लिए शैतानी शक्ति हावी होती नजर आती है, पर जीत तो सच्चाई की ही होती है इस बात से कोई इंकार नहीं कर सकता है। अगर किसी का प्यार सच्चा हो तो उसे किसी तांत्रिक वांत्रिक के पास जाने की जरूरत नहीं होती है, जो लोग ऐसे लोगों के पास जाते हैं उनके प्यार में सच्चाई नहीं होती है इसी के साथ उनको अपने आप पर भी भरोसा नहीं होता है।

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  25. bhai main toh khud prayog kar k dekhoonga
    baad me trippani karoonga

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  26. This is a form of witchcraft which has been there in all civilizations. In Britain there was 'anti-witchcraft act' which was removed in 1951 0r 52. It certainly represents evil . Follow the life of any one indulging in black magic and u will always find that their death is very painful and tragic.

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  27. Mai to in faltu bakwaas ko nahi manti...ye vakai behad afsosnaak ghatna hai...

    banki Prakash Govind ji aur Munish ji ne sari baat kah hi di hai...

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  28. उदय प्रकाश जी की एक कविता उनके ब्लॉग से दे रहा हूँ, यहाँ इसका मौका तो नहीं है, माफ़ी चाहता हूँ, मगर कविता ऐसी है की खुद को रोक नहीं सका.

    ।। एक ज़ल्दबाज़ बुरी कविता में आंकड़े।।


    कविता का एक वाक्य लिखने में दो मिनट लगते है
    इतनी देर में चालीस हज़ार बच्चे मर चुके होते हैं
    ज़्यादातर तीसरी दुनिया के भूख और रोग से

    दस वाक्यों की ख़राब ज़ल्दबाज़ कविता में अमूमन लग जाते हैं
    बीस से पच्चीस मिनट
    इतनी देर में चार से पांच लाख बच्चे समा जाते हैं
    मौत के मुंह में
    कविता अच्छी हो इतनी कि कवि और आलोचक
    उसे कविता कहना पसंद न करें या उसके कई ड्राफ्ट तैयार हों
    तो तब तक कई करोड़ बच्चे, कई हज़ार या लाख औरतें और नागरिक
    मर चुके होते हैं निरपराध इस विश्वतंत्र में

    यानी ज़्यादा मुकम्मल कविता के नीचे
    एक ज़्यादा बड़ा शमशान होता है

    जितना बड़ा शमशान
    उतना ही कवि और राष्ट्र महान्

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  29. धत्त तेरे की...आपने भी क्या गज़ब का मंत्र दे दिया...हमने भी आजमाया....और अपना घर तुड़वाया....!!यह मंत्र शादी-शुदा लोगों के लिए नहीं है...पहले क्यूँ नहीं बताया,....??

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  30. सर्वप्रथम मै जाकिर जी को धन्यवाद देता हूँ जो उन्होने किसी बहुत ही बौधिक प्रलाप का प्रश्न न करते हुए एक सामान्य सामाजिक कुरीति के तरफ सबका ध्यान केन्द्रित किया है । जाकिर जी के इस पोस्ट से तीन मुख्य प्रश्न हमारे सामने आते है।
    1. कोइ भी व्यक्ति ऎसी शक्तियो पर क्यूँ विश्वास करता है ?
    2. ऎसी शक्तियो मे कितनी वास्तविकता है ?
    3. यदि वास्तविकता है तो इसकि व्याख्या हमारा विज्ञान तथा समाज किस प्रकार करता है ? और यदि नही तो इनका अस्तित्व क्यूँ है ?

    ऎसी शक्तियो पर विश्वास करने का मूल कारण हमारी कमजोरी ही है । भय एवँ अकर्यमण्ता हमारी कमजोरी हैँ। जो चीजेँ हम कर्म से हासिल नही कर पाते हैँ उन्हे अन्य साधनोँ से हासिल करना चाहते हैँ। और यही पर सामाज मे तमाम जानकार लोगों का उदय होता है वास्तव में वे हमें बाद मे धोखा देते है पहले हम खुद को ही धोखा देते है हम खुद पर ही अविश्वास करते है । देखिये अगर आप घाटे का सौदा करने को तॆयार है तो बाज़ार तो पहले से हि लगी है अगर आप सत्य को बिना जाने चल देने को तॆयार है तो आपको रास्ता दिखाने वाले तो हर चौराहे पर इन्तजार कर रहे हैँ बस बताइये कि आप जाना कहाँ चाहते हैँ बस बताइये कि आप नही जानते हैँ कुछ भी ,फिर देखिये कमाल ,बस बताइये कि आपकी कोइ समस्या है निदान पहले से ही हाज़िर है ।
    अब प्रश्न यह है कि ऎसी शक्तियो मे कितनी वास्तविकता है ? अगर सारगर्भित रुप मे कहें तो तंत्र-मंत्र इत्यादि "तरंगो मे विद्ममान उर्जा का एक रुप है" जिस प्रकार हम तरंगो का प्रयोग दूरसंचार तकनीकि मे कर रहे है उसी प्रकार वायु मे एक विशेष तरह का स्पन्दन कर उर्जा को नियंत्रित किया जा सकता है पर ये कोइ हसी खेल नही , नाहि यह कोइ गली मुहल्ले के तान्त्रिक के बस कि बात है । लेकिन इसका मतलब यह नही कि मै मानता हूँ या नही । वास्तव मे बिना परखे मानना या ना मानना दोनो ही अन्ध विश्वास है । ना मानना भी अन्ध विश्वास है क्यूँ कि ना मानने मे भी आपने जल्दबाजी दिखायी परखा नहीँ । केवल अपने को बौधिक दिखाने के लिये ना मानने का ढोंग करना भी एक अन्ध विश्वास है क्यूँ कि बिना परखे आपने विश्वास किया कि ऎसा नही है ।
    अब अंतिम प्रश्न है कि यदि वास्तविकता है तो इसकि व्याख्या हमारा विज्ञान तथा समाज किस प्रकार करता है ?
    देखिये विज्ञान द्वारा भी किसी नियम कि व्याख्या एक दिन मे नही कि जा सकती , विज्ञान अग्रसर है और आइये उम्मीद करेँ कि विज्ञान इसकी व्याख्या एक दिन अवश्य कर लेगा और उस दिन समाज से इस प्रकार के तत्व आप्रासंगिक हो जायेंगे ।
    साथ ही -
    @अनाम भाई !के विचारो का भी मै स्वागत करता हुँ साथ हि याद दिलाना चाहता हू कि हिन्दू धर्म का आधार वेद हैँ और वेद की एक सबसे महत्वपूर्ण लाइन है Aano Bhadrah Kritawo Yantu Vishwataha “Let noble thoughts come to us from everywhere.”

    - Rig Veda
    तो प्रश्न यह नही है कि कुरीति कि तरफ इशारा करने वाला या नोबेल थाट देने वाला किस धर्म का है ? प्रश्न यह है कि क्या हम उसकी सत्यता को परख कर उसे आत्मसात कर रहे है या नहीँ ।

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  31. agar seedhe seedhe log is baat par yakeen kar le ki ye taantrik vidha jaisi koi cheez asar kar hi nahi sakti...agar sahi maayne me andhvishwas ko "andhvishwas" maan liya jaaye logo ke beech to fir aisi koi pareshani hi nahi rahegi :)


    www.pyasasajal.blogspot.com

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  32. aapki baat par ek baat yad a gaye hamare yahan ek tatha kathit bhagvan hain uske bare me mash hoor hai ki vo taveez se sab ko vash me kar leta hai( magar main nahin hui ) to mazak me ek bat uske bare me hai ek bar usne kisi aurat ko taveez dia ki ise apne pati ko ghol kar pila dena vo tumhare vash me ho jayega to galti se vo aurat jab pashuon ke liye feed bana rahi thi to us me gir gayaa jab usne vo feed bhains(buffelo) ko khilai to vo apni raassi tudva kar seedhi baba ke dere par pahunch gayee dekha apne uske taveez ka asar ha ha ha ha

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  33. aj k yug mai shaitanni shaktiyon ka itna bol bala ho gaya hai k ab logo ki shradhha bhagwan se uth kr un logo par jane lagi hai jo log in cheezo ka prachar karte hai...

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  34. बेनामी7/09/2010 10:13 pm

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  36. Sachindra Verma9/13/2011 9:46 am

    अभी एक पोस्ट देखी की गणेश को दूध पिलाया गया:
    आप में कितने लोग ऐसे हैं जो उस घटना के बाद दोबारा गए थे गणेश को दूध पिलाने (पृष्ट तनाव को सिद्ध करने.) एक बार दोबारा तो करके देखे उसे. और ईमानदारी से नतीजा बताईएगा.; कृपया करके नतीजा बताईएगा.
    और रही बात मंत्र की तो . आप में कितने लोग ऐसे हैं जो किसी मिसाईल को चला सकते हैं या किसी के टयूमर का आपरेशन कर सकते हैं या सिर्फ एक्स रे मशीन को चला सकते हैं. इन सभी कामो को करने के लिए पहले सीखना पड़ता है.
    तो पहले किसी भी काम को सीखे / करें और उसके बाद उसके लिए दावे करें.
    सिर्फ बुराई करने से व्यक्ति बौद्धिक प्रतिभा का धनी नहीं कहलाता.
    धन्यवाद.

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  37. बेनामी10/07/2011 12:51 pm

    main jaha tak janta hu aur samjta hu to ye sab hota hai aur science bhi is baat ko manti hai agar aisa nahi hota hai to kyo log mandiro aur mazaaro ke chakkar lagate hai aur aap log jo yaha itnee badi badi baate kar rahe hai wo sab bhi kyo jate hai

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  38. बेनामी2/18/2012 5:44 pm

    दुनिया हमसे पहले भी थी आज भी है और कल भी रहेगी , जो हमारी सोच है, जितना हमारा ज्ञान है , जितनी हमारी बुद्धि है , जितना हमारा अनुभव उसके अनुसार हम काम करते है . उसी से निर्णय लेते है, लेकिन संसार का समग्र ज्ञान हमारे पास है या नहीं इसका फैसला कौन कर सकता है , किसी भी बात को झूट कह देना काफी आसान है. जब तक उसे अनुभव नहीं किया जाए . आवश्यकता है अपने आप पर विश्वास करने की एवं अपने इतिहास और अपने शास्त्रों पर भरोसा करने की. कोई भी स्त्री -पुरुष विवाह के बाद सम्बन्ध बना सकते है , पर यह जरूरी नहीं की हर कोई यह करे. प्रमाण मिलने तक एवं अपने अनुभव पर प्रतीक्षा करनी चाहिए . किसी बात को हवा में उडा देना ठीक नहीं और सत्य का क्या स्वरुप है , प्रकृति किस प्रकार कार्य करती है यह जानना जरूरी है .

    जब कोई पुरुष साधारण स्थितयो में भी गलत रास्ते पर जा सकते है,तो किसी प्रयोग से क्यों नहीं. प्रकृति के नियम सब पर सामान रूप से लागू होते है , केमिकल reaction and thinking बाहर से भी बदले जा सकते है . जरूरत है खोज करने की ..........


    धन्यवाद्

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  39. Mera manana hai yeh sab hota hai , prachinkal se hamare sant inka manabta ki bhalai k liye prayog karte aaye hai , aur aaj kal k baba log is vidya ka galat upyog kar ise badnam kar rahe hai , sahi baat to yeh hoti 100 baba o mai se kareeb 10 baba hi aise hote hai jinhen sachi vidya aati hai, bache hue 90 baba logo ko bebksoop hi banate hai ..

    aur mai aap se vinti karna chauga ki aap inke bataye hue kisi mantar ka jap mat karna kismi galti hone par in san pagal ho jata hai ..

    aur in saktiyon se mabh tabhi milta hai jab aap inlka use samaj k liye karte hai hai kisi galat kaam k liye nahi .....

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    1. आपको कभी ऐसी कोई शक्ति मिले, तो हमें बताना मित्रवर। उसका साक्षात्‍कार करके हमें बड़ प्रसन्‍नता होगी। :)

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    2. hi mera naam rohit hai mei apko ek swaal puchhta hu mei i chijo ki kafi khoj kar rha hu mei mnovgaynik b hu or pravigyan shod krta b mei i chijo ki i manta tha par jab khoj ki to sach samne aye hua esai ko mer frind hai uski chhoti sis ko kafi prob hogayi thi use hospital mei admit krwya or docter uska treetment kar rehe they par docter ko smj ni aa rha tha uske joint mei bht pen ho ri thi jiske karn uski heart beet bht bad gayi thi or docter nei kaha ki ager or heart beat bad gayi to iska bachna muskil hai usko menai apne ankho se chilate huye dekha uska bhai ghar wale esi halat dekh kar ro re they tbi ek bnde ne kisi ka pta btaya ki ise ek baba hai uske paas lejayo tab mei b yeh dekhne ke liye unke sath geya ladki chilakar bht ro rahi thi wesai hi admari ko ham uske pass le gaye tb uss bbe ne usko samne bithya or btaya ki isko kuchh upri heaa ksr hai tab usne chaku se chursta bnaya or ek nimbu ke chaar hiso mei kaat diya us churte ke bich mei ek diya jlya or nimbu ko ek ek hisse ko kinare par kaat kar rakh diya or ladki ke per ke anghuthe par apna per ka anghutha tch karke rakh kar kuchh manter padei tab ladki jo chila rhi thi uski juban change hui or usne apna btaya ki mera naam yeh hai meri deth esai hui thi or esaa karte karte uss babe nei manter padte padte apna kaam krta geya ladki 10 mint mei bilkul thik hogayi yeh kesai hua btaye or jaha docter keh rahe they ki iske ghutno mei kide hai wo kesai thik hui jab ki scaning mei na kuchh ayea tha na kuchh baad mei nikla yeh kya tha wo kesai thik hui yeh b drama tha dhong tha

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  41. Ye sab bekar hai sirf iswar ki sakti hi sarbsresth hai
    ........JAI BAJARANG BALI......

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  42. बेनामी11/03/2012 12:01 am

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  43. बेनामी11/03/2012 7:42 am

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  44. बेनामी11/07/2012 8:26 pm

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  45. बेनामी11/08/2012 4:50 am

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  46. बेनामी11/08/2012 5:40 pm

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  47. बेनामी11/08/2012 9:47 pm

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  48. बेनामी11/11/2012 9:29 am

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  49. बेनामी11/13/2012 4:58 am

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  50. i am sorry to say but aapki bato se mai sehmat nahi hu. mantro ko agar sachchi shradha ke sath sidh kiya jaye to wo asar dikhati hai hi. ye andhwishwas nai hai. aksar log sahi bato ko andh vishwas keh kar thukra dete hai. mantro ki shakti ka abhas hone ke liye pehle uspar vishwas jagaiye. agar koi insan gehe depression me hai par use aap sirf namah shivaye ka uchcharan karte rehne ne ko kahe. ye bahuprachalit mantra hai jispar log bharosa karenge.. kuch pal dhyan lagane ke bad jab mantra ke continuation ho jayega wo fir usi par concentrate karega aur us mantra me jo shiv ki shakti hai wo uske man ko pawan karegi aur uska depression kam ho jayega. insan ko taklifein uske paap-karm aur vicharo ke karan hi hoti hai aur ye shaktishali mantra ke jaap se uske papkamo ka paschatap hone lagta he aur unka dand kam hote jata hai aur wo jivan me sukh ka anubhav karta hai. jivan kabi nutral nai hota. jab aap dukhi ho to sukh nai hoga aur jab aap sukhi ho, khush ho tab aap achcha mehsus karenge aur dukhi nai honge. in mantro ki shakti ko chunauti dena bewkufi hai. kya aap logo ko itihas me tansen ki kahani yad hai? wo jab gata tha to barish ho jati thi, diye jal uthte the? kaise? ye mantro ki shakti hi hai. jahir hai ki us waqt tansen romantic duet nai gata hoga. wo agni dev ke mantra ko gata tha apni puri shradha ke sath to diye jalte the. indradev ka ahvahan karta tha to barish hoti thi. ye kya andhwishwas hai? nahi. shakti hai. mantro ki shidhdhi. prachin kaal me machis nmahi tha. lekin hawan yajna sab hote the. kya hrishimuni ghanto chakmak pathar ko ragadte the? we agni dev ka mantrochar kar ahvahan karte the. aur apne jo kamakhya devi ki shakti ke bare me kaha hai to mai batati hju. devi ma tamsik puja ki adhishtratri hai. Devi patal bhairavi jise Ramayan me adhi ravan aur mahi ravan pujte the we maa bhairavi ka roop hai aur bajrangbali ne unhe puja tha. bhagvan shiv ko bhutnath bhi kehte hai, ravan unka param bhakt tha maa rakshaso ki puja bhi swikarti hai. jab durga puja hoti hai to mahishasur ko bhi puja jatta hai. ishwar ke samne har koi ek saman hai. yaha tak ki brakreshwar me bhakt ko bhagwan se bada kar dia gaya. ishwar satva, raju aur tamo tino guno se puja swikarti hai. unke liye bhav mayne rakhta hai.

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  51. i am sorry to say but aapki bato se mai sehmat nahi hu. mantro ko agar sachchi shradha ke sath sidh kiya jaye to wo asar dikhati hai hi. ye andhwishwas nai hai. aksar log sahi bato ko andh vishwas keh kar thukra dete hai. mantro ki shakti ka abhas hone ke liye pehle uspar vishwas jagaiye. agar koi insan gehe depression me hai par use aap sirf namah shivaye ka uchcharan karte rehne ne ko kahe. ye bahuprachalit mantra hai jispar log bharosa karenge.. kuch pal dhyan lagane ke bad jab mantra ke continuation ho jayega wo fir usi par concentrate karega aur us mantra me jo shiv ki shakti hai wo uske man ko pawan karegi aur uska depression kam ho jayega. insan ko taklifein uske paap-karm aur vicharo ke karan hi hoti hai aur ye shaktishali mantra ke jaap se uske papkamo ka paschatap hone lagta he aur unka dand kam hote jata hai aur wo jivan me sukh ka anubhav karta hai. jivan kabi nutral nai hota. jab aap dukhi ho to sukh nai hoga aur jab aap sukhi ho, khush ho tab aap achcha mehsus karenge aur dukhi nai honge. in mantro ki shakti ko chunauti dena bewkufi hai. kya aap logo ko itihas me tansen ki kahani yad hai? wo jab gata tha to barish ho jati thi, diye jal uthte the? kaise? ye mantro ki shakti hi hai. jahir hai ki us waqt tansen romantic duet nai gata hoga. wo agni dev ke mantra ko gata tha apni puri shradha ke sath to diye jalte the. indradev ka ahvahan karta tha to barish hoti thi. ye kya andhwishwas hai? nahi. shakti hai. mantro ki shidhdhi. prachin kaal me machis nmahi tha. lekin hawan yajna sab hote the. kya hrishimuni ghanto chakmak pathar ko ragadte the? we agni dev ka mantrochar kar ahvahan karte the. aur apne jo kamakhya devi ki shakti ke bare me kaha hai to mai batati hju. devi ma tamsik puja ki adhishtratri hai. Devi patal bhairavi jise Ramayan me adhi ravan aur mahi ravan pujte the we maa bhairavi ka roop hai aur bajrangbali ne unhe puja tha. bhagvan shiv ko bhutnath bhi kehte hai, ravan unka param bhakt tha maa rakshaso ki puja bhi swikarti hai. jab durga puja hoti hai to mahishasur ko bhi puja jatta hai. ishwar ke samne har koi ek saman hai. yaha tak ki brakreshwar me bhakt ko bhagwan se bada kar dia gaya. ishwar satva, raju aur tamo tino guno se puja swikarti hai. unke liye bhav mayne rakhta hai.

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    1. प्रियंका जी, आपको मंत्रों की शक्ति पर विश्‍वास है, बताइए आपने कौन सा मंत्र सिद्ध किया है?

      हटाएं
  52. sabko pranaam aur salam, ji mantra uchaaran aur sidh kiya ja sakta hai, mantra bane banaye nahi hote apni taraf se bhi banaye jaa sakte hai* mantro ki sidhi is liye nahi hoti koi koi uska durupyog kere ! devi devta ya kaali shakti aur shaitani taakat, sabko mantro ke aage jhukna padta hai, is tarah se unko wash me kiya jata hai ! Waha apni marzi se nahi balki mantra dwara aapke kaabu me ane ki wajah se apke sidh mantra ki purtio kerte hai ! Lekin iska kabhi na kabhi insaan ko bura parinaam bhogna padta hai* agar mantra ka sadupyog ya upyog hua hai, aur sidh mantra ki shakti se aapki manokamna poorn hui hai, to koi baat nahi, yadi kisi kaaran koi, shaitani, deviye guru ya islaamic takat mantra ke dwara apke aage jhuki hai aur aapki manokamna poori ki hai to yaad rekhna, ki isi duniya me hi apko iskaa hissab chukana padega, ! Haanji, mei mantro me sirf vishwas hi nahi rekhta, balki bahut mantra mene sidh kiye hai aur bahut mantro ko mai sidhh kerne ke liye kayi saalo se prayatn ker reha hoo! Mantro me sabse tez/jaldi result dene wale mantro me shaitani taakat uske baad kaali takat jo sab jaado tone me gine jaate hai, hai* Dusri jagah per islaamic mantra aate hai jo bahut powerfull hote hai, teesre sthaan per sikho ke sidhh mantra athwa shabar mantra hai jo bahut jald aur powerfull asar dikhate hai ! aur sabse kam asar dikhane wale deviye mantra hai kyoki inke ritual sabse mushkil aur bahut time/samaan lene wale hai*

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  53. log aapko mantra paise leke batate honge, mai aapko mantra bina paise ke aur mantro ke baare me bhi bataunga, pehle to jo log koi mantra ya sheeksha bechte hai, unke mantra na kabhi sidhh hote hai na safal*

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  54. sabko pranaam aur salam, ji mantra uchaaran aur sidh kiya ja sakta hai, mantra bane banaye nahi hote apni taraf se bhi banaye jaa sakte hai* mantro ki sidhi is liye nahi hoti koi koi uska durupyog kere ! devi devta ya kaali shakti aur shaitani taakat, sabko mantro ke aage jhukna padta hai, is tarah se unko wash me kiya jata hai ! Waha apni marzi se nahi balki mantra dwara aapke kaabu me ane ki wajah se apke sidh mantra ki purtio kerte hai ! Lekin iska kabhi na kabhi insaan ko bura parinaam bhogna padta hai* agar mantra ka sadupyog ya upyog hua hai, aur sidh mantra ki shakti se aapki manokamna poorn hui hai, to koi baat nahi, yadi kisi kaaran koi, shaitani, deviye guru ya islaamic takat mantra ke dwara apke aage jhuki hai aur aapki manokamna poori ki hai to yaad rekhna, ki isi duniya me hi apko iskaa hissab chukana padega, ! Haanji, mei mantro me sirf vishwas hi nahi rekhta, balki bahut mantra mene sidh kiye hai aur bahut mantro ko mai sidhh kerne ke liye kayi saalo se prayatn ker reha hoo! Mantro me sabse tez/jaldi result dene wale mantro me shaitani taakat uske baad kaali takat jo sab jaado tone me gine jaate hai, hai* Dusri jagah per islaamic mantra aate hai jo bahut powerfull hote hai, teesre sthaan per sikho ke sidhh mantra athwa shabar mantra hai jo bahut jald aur powerfull asar dikhate hai ! aur sabse kam asar dikhane wale deviye mantra hai kyoki inke ritual sabse mushkil aur bahut time/samaan lene wale hai*

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    1. कुमारजी, आप आज के समय में भी मंत्रों की सिद्धि कर रहे हैं, जानकर हतप्रभ हूं।
      वैसे कौन कौन से मंत्र आपने अबतक सिद्ध कर दिये हैं, जरा विस्‍तार से बताएं।
      और हां, जब इतनी मेहनत कर रहे हैं, तो एक काम और करें, कोई ऐसामंत्र सिद्ध करें,जिससे इस देश से अत्‍याचार, अनाचार, दुराचार, भ्रष्‍टाचार मिटाया जा सके। जिस दिन ऐसी शक्ति आपको मिल जाए, बताइएगा, मैं भी आपके पीछे-पीछे हो लूंगा।

      हटाएं
    2. बेनामी12/23/2013 10:23 pm

      aap hindu devi devatao me badi dilchaspi le rahe he lekin inhe samjana itna aasan nahi aur desh se ya sabkuch mit jarur jayega suruaat ho chuki hai lekin sab dhire dhire hoga vaise intezaar kijie aapki maang sunli gayi hai aapko hum anubhav jarur karvayenge agar ho saka to

      हटाएं
  55. बेनामी6/19/2013 1:31 am

    yar ye tantrik shantrik kuch nahi sab bakwas hai kam karo or roti khao app be khush raho or dusre ko be khush rakho

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  56. यह सब फालतु की कहानिया है मै तो सीर्फ भगवान पर सच्चा प्रेम करने की और श्रध्धा की सलाह दुगा और हे भगवान ऐसे बदमाश बाबा को उपर उथाले

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  57. बेनामी9/09/2013 2:07 pm

    यह सब फालतु की कहानिया है मै तो सीर्फ भगवान पर सच्चा प्रेम करने की और श्रध्धा की सलाह दुगा और हे भगवान ऐसे बदमाश बाबा को उपर उथाले A SAB GALAT HAI A SAB LOT NE KE LIYAE APNI DUKAN KHOL KE BATE HAI

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  58. Maine aap sabke comment dekhe aur pade..... Aap sab apni jagah thok ho....kahate he jitni akal...vasi baate....lagta h aap sabhi ne abhi itna hi dekha h....par ek baat kahna chaunga...aagr aap andhere me ho to aapko ujala b chaihe...aur unale me bo to andhera....

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  59. Maine aap sabke comment dekhe aur pade..... Aap sab apni jagah thok ho....kahate he jitni akal...vasi baate....lagta h aap sabhi ne abhi itna hi dekha h....par ek baat kahna chaunga...aagr aap andhere me ho to aapko ujala b chaihe...aur unale me bo to andhera....

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  60. Maine aap sabke comment dekhe aur pade..... Aap sab apni jagah thok ho....kahate he jitni akal...vasi baate....lagta h aap sabhi ne abhi itna hi dekha h....par ek baat kahna chaunga...aagr aap andhere me ho to aapko ujala b chaihe...aur unale me bo to andhera....

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  61. Maine aap sabke comment dekhe aur pade..... Aap sab apni jagah thok ho....kahate he jitni akal...vasi baate....lagta h aap sabhi ne abhi itna hi dekha h....par ek baat kahna chaunga...aagr aap andhere me ho to aapko ujala b chaihe...aur unale me bo to andhera....

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  62. BhaaiDeka sab paida. hota hai hindu kaat kar chamri bana. Diya muslim ye karne me haat hai sabde bada pandit ka. Paisa jo chaiye sabko. Ye sale hi mantra batate hai or uska toor. Atharva veda ko padh sab tainson dur hogo. Tera kaliyaaaaaaaaaaaaan hogo bachha.

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  63. BhaaiDeka sab paida. hota hai hindu kaat kar chamri bana. Diya muslim ye karne me haat hai sabde bada pandit ka. Paisa jo chaiye sabko. Ye sale hi mantra batate hai or uska toor. Atharva veda ko padh sab tainson dur hogo. Tera kaliyaaaaaaaaaaaaan hogo bachha.

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  64. mene ek ladki se itna pyar kiya kush rakha fir vo mujhe chodkar chali gai uske ma baap k dar se chalo mana ma baap se daro magar kisi ko pyar me dhoka dena konsa mahan kam he me aaj bhi pareshan hu sirf usi ke bare me hi khayal aata he batao me kya karu 8982528554

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  65. me kehta hu agar koe orat apne admi ko apni ma ke kahne par dhookha de to asi orat ka kaya karna chiya plise replay

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  66. बेनामी2/20/2014 2:37 pm

    अगर भगवान होता तो वो औरत ऐसा करती ही क्यों ?

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  67. dosto vashikaran ka matlab h ki kisi ke dil me apne liye izzat bana deni aur pyar aur bharosa bana dena bas per ye sab kisi bhi tabeez se nahi hota ye to sab apne behave se hota h jaisa behave hum karenge waisa hi hamko bhi milega aur rahi baat mantra aur tantra ki to ye to apne aap me ek pure science h isko nakara nahi ja sakta bas aaj kal ke logo ne is tantra aur mantra ko bura bana diya h vashikaran mantra se to sirf hum kisi ka dhyan apni aur kheech sakte h per uski dil me jagah to humko apne sahi behave se hi banani padti h

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  68. बेनामी5/06/2014 4:45 pm

    Me koi dharma ka virodh nahi kar raha par sabhi dharma me ek hi chij kaha gaya hai ki insan kese aage badhta hai.

    Muslim kuran me kaha gaya hai.

    Ki khuda ne ye kaynat me banayi tab saitan hi khuda ka sabse bada bhakt tha

    Par jab khuda ne insan ko janma diya tab insan phool ki jesa komal tha is liye khuda ko saitan se jyada pasand aaya isliye saitan ne insan ko marne ke liye wo insan ke nabhi me ek gehu ke dane jitna reh gaya jam insan khuda ko yad na kare to us insan ki nafi se saitan us par nakaratmak (negetivenegetive energy ) vichar dalta hai.
    Is liye duva mangte 5 time.

    Ab dekho sab chij ka ek hi matalab hai sabhi dharmo me.

    Duva , prarthana , prey ka matalab.

    Duva se man,budhhi or sarir ki urja
    Ek hi jagah rehti hai iske karan sayyam sakti or ishwariya sakti milti hai

    Hindu me.

    Bhagwat kita me kaha hai ki
    Tu karma achha kar.
    Man , dudhi or apni sarir ki endriyo ko ek jesa rakhne se insan aage badhega.
    Prakruti ke sath jine se bhi kaha hai.

    Creation me bhi kaha hai.

    Ki saitan bhi hai ishu bhi hai.
    Aap sukh ki kalpana karo wo milega prey karo wo milega.
    Pap ko boldo god wo apko maf kar dega .
    Prey me bhi 3 chiz ko ek jesa karne se hi milta hai kamiyabi.

    Inshort
    Muslim me bhi kaha hai.
    Ki achhe karya karo.
    Prey se kamiyab bano.
    Negetive energy se bachho.
    Or khuda ne banayi kayinat ko samjo.

    Hindu me bhi kaha hai.
    Prey se atma or parmatma ka milan hota. Insaniyat jagti hai negative energy mit jati hai
    Prakruti se hi hame urja milti hai.

    Crichton me bhi kaha hai bure karya ko nasta karo dyan se god ko prey karo achhe karyo se god achha dega.
    Or negative energy se chhutkara.
    Or Crichton me bhi prakruti ke sath jine ko kaha hai

    Ab aate hai saitan pe saitan ki chiz kya hai wo hai uski 3 shakyi ke karan aage badhta.

    1 dar se paida hota
    2 lalach or echha se sarir pe havi hota.
    3 wo ye sab pane ke liye negative kam karvata.

    Saitan 3 chiz me insan se jyada balvan hota hai isliye wo havi hota hai.

    Achhe se raho
    Karma karo negetive energy ke pichhe bhago mat america or wo sab isliye sukhi hai

    Or ham sab saitani sakti ke pichhe bhagte hai ek dusre ke dharam ko gali dete nafrat karte isliye ham dukhi hai..

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं

वैज्ञानिक चेतना को समर्पित इस यज्ञ में आपकी आहुति (टिप्पणी) के लिए अग्रिम धन्यवाद। आशा है आपका यह स्नेहभाव सदैव बना रहेगा।

 
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