Loading...

संक्रामक बीमारी फाइलेरियाः लक्षण्, बचाव और उपचार

SHARE:

Lymphatic Filariasis: Symptoms, Prevention and Treatment in Hindi

कृमि प्रभावित क्षेत्रों से लोगों का रोजगार की तलाश में बाहर जाना, शहरीकरण, औद्योगिकीकरण, अज्ञानता, आवासीय सुविधाओं की कमी एवं स्वच्छता की अपर्याप्त स्थिति से फाइलेरिया का संक्रमण फैलता है। फाइलेरिया का संक्रमण सामान्य शारीरिक कमजोरी, सिरदर्द, मिचली, हल्के बुखार और बार-बार खुजली के रूप में प्रकट होता है।
फाइलेरियाः शरीर को विकृत करने वाली एक संक्रामक बीमारी

-डॉ. अरविन्द सिंह

फाइलेरिया (Lymphatic Filariasis) एक परजीवीजन्य संक्रामक बीमारी है जो धागे जैसे कृमियों से होती है। वैश्विक स्तर पर इसे एक उपेक्षित उष्णकटिबंधीय बीमारी (Neglected Tropical Disease) माना जाता है। फाइलेरिया दुनिया भर के उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय देशों में एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। जिसमें भारत भी शामिल है। विश्व में लगभग 1.3 अरब लोगों को इस बीमारी के संक्रमण का खतरा है और लगभग 12 करोड़ लोग इससे वर्तमान में संक्रमित हो चुके हैं, जिनमें से लगभग 4 करोड़ लोग इस बीमारी की वजह से किसी विकृति का शिकार हो गए हैं या अक्षम हो चुके हैं।

Lymphatic Filariasis
फाइलेरिया 2.5 करोड़ से ज्यादा पुरुषों को जननांग के विकार और 1.5 करोड़ से ज्यादा लोगों को सूजन से प्रभावित कर चुका है। हाथीपांव (Elephantiasis) फाइलेरिया का सबसे सामान्य लक्षण है जिसमें शोफ (Oedema) के साथ चमड़ी तथा उसके नीचे के ऊतक मोटे हो जाते हैं।

फाइलेरिया के कौन से कारक जीव हैं?
फाइलेरिया, फाइलेरियोडिडिया (Filariodidea) कुल के नेमैटोडों (गोलकृमि) के संक्रमण से होता है। तीन प्रकार के कृमि इस बीमारी को जन्म देते हैं। ये हैं वुचिरेरिया बैंक्राफ्टाई (Wuchereria bancrofti), ब्रुजिया मलाई (Brugia malayi) और ब्रुजिया टिमोरीई (Brugia timori)वुचिरेरिया बैंक्राफ्टाई इस बीमारी का सबसे सामान्य कारक है जो पूरे विश्व में पाया जाता है। ब्रुजिया मलाई दक्षिण-पश्चिम भारत, चीन, इंडोनेशिया, मलेशिया, दक्षिण कोरिया, फिलिपींस और वियतनाम में पाया जाता है जबकि ब्रुजिया टिमोराई सिर्फ इंडोनेशिया तक ही सीमित है। वुचिरेरिया बैंक्राफ्टाई में नर कृमि 40 मिलीमीटर लंबा होता है जबकि मादा की लंबाई लगभग 50-100 मिलीमीटर होती है।
[post_ads]
भारत में फाइलेरिया:
फाइलेरिया भारत में एक प्रमुख स्वास्थ्य समस्या है। यह संक्रामक बीमारी देश के राज्यों उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, गुजरात, केरल एवं केन्द्र शासित प्रदेशों लक्षद्वीप और अंडमान निकोबार में स्थाई रूप से उभरती रहती है। भारत में मुख्य तौर पर फाइलेरिया के दो प्रकार के संक्रमण होते हैं, एक वुचिरेरिया बैंक्राफ्टाई से और दूसरा ब्रुजिया मलाई से। वुचिरेरिया बैंक्राफ्टाई के संक्रमण से होने वाला बैंक्रोफ्टियन फाइलेरिया (Bancroftian filaria) भारत में फाइलेरिया के कुल मामलों का लगभग 98 प्रतिशत होता है।

कैसे फैलता है फाइलेरिया?
फाइलेरिया मच्छरों से फैलता है जो परजीवी कृमियों के लिए रोगवाहक का काम करते हैं। इस परजीवी के लिए मनुष्य मुख्य पोषक है जबकि मच्छर इसके वाहक और मध्यस्थ पोषक हैं। कृमि प्रभावित क्षेत्रों से लोगों का रोजगार की तलाश में बाहर जाना, शहरीकरण, औद्योगिकीकरण, अज्ञानता, आवासीय सुविधाओं की कमी और स्वच्छता की अपर्याप्त स्थिति से यह संक्रमण फैलता है। संक्रमण के बाद कृमि के लार्वा संक्रमित व्यक्ति की रक्तधारा में बहते रहते हैं जबकि वयस्क कृमि मानव लसीका तंत्र में जगह बना लेता है। एक वयस्क कृमि की आयु सात वर्ष तक हो सकती है।

क्या हैं फाइलेरिया के लक्षण?
इस तथ्य का अभी तक सटीक आकलन नहीं किया जा सका है कि संक्रमण के बाद फाइलेरिया के लक्षण प्रकट होने में कितना समय लगता है। हालांकि मच्छर के काटने के 16-18 महीनों के पश्चात बीमारी के लक्षण प्रकट होते हैं। फाइलेरिया के ज्यादातार लक्षण और संकेत वयस्क कृमि के लसीका तंत्र में प्रवेश के कारण पैदा होते हैं। कृमि द्वारा ऊतकों को नुकसान पहुंचाने से लसीका द्रव का बहाव बाधित होता है जिससे सूजन, घाव और संक्रमण पैदा होते हैं। पैर और पेड़ू सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले अंग हैं। फाइलेरिया का संक्रमण सामान्य शारीरिक कमजोरी, सिरदर्द, मिचली, हल्के बुखार और बार-बार खुजली के रूप में प्रकट होता है।

फाइलेरिया कभी-कभार ही जानलेवा साबित होता है, हालांकि इससे बार-बार संक्रमण, बुखार, लसीका तंत्र में गंभीर सूजन और फेफड़ों की बीमारी ‘ट्रॉपिकल पल्मोनरी इओसिनोफीलिया (Tropical Pulmonary Eosinophilia) हो जाती है। ट्रॉपिकल पल्मोनरी इओसिनोफीलिया के लक्षणों में खांसी, सांस लेने में परेशानी और सांस लेने में घरघराहट की आवाज होती है। लगभग 5 प्रतिशत मामलों में पैरों में सूजन आ जाती है जिसे फ़ीलपांव अथवा हाथीपांव कहते हैं। फाइलेरिया से गंभीर विकृति, चलने-फिरने में परेशानी और लंबी अवधि की विकलांगता हो सकती है।

फाइलेरिया के कारण हाइड्रोसील (Hydrocoele) भी हो सकता है। मरीज के वृषणकोष (Scrotum) में सूजन भी आ सकती है जिसे ‘फाइलेरियल स्क्रोटम’ (Filarial scrotum) कहा जाता है। कुछ मरीजों में मूत्र का रंग दूधिया हो जाता है। महिलाओं में वक्ष या बाह्य जननांग भी प्रभावित होते हैं। कुछ मामलों में पेरिकार्डियल स्पेस (हृदय और उसके झिल्लीदार आवरण के बीच की जगह) में भी द्रव जमा हो जाता है।

कैसे फाइलेरिया का पता लगाया जाता है?
फाइलेरिया परजीवी के माइक्रोफाइलेरि (Microfiliariae) रक्त में सूक्ष्मदर्शी द्वारा देखे जा सकते हैं। माइक्रोफाइलेरि मध्यरात्रि के समय लिए गए रक्त के नमूनों में देखे जा सकते हैं क्योंकि दुनिया के अधिकांश हिस्सों में इन परजीवियों में ‘निशाचरी आवधिकता’ (Nocturnal Periodicity) देखी जाती है जिससे रक्त में इनकी उपस्थिति मध्य रात्रि के आसपास के कुछ घंटों तक ही सीमित रहती है। यह भी देखा गया है कि रक्त में इस परजीवी की उपस्थिति मरीज के सोने की आदतों पर भी निर्भर करती है।

फाइलेरिया की पहचान में सीरम संबंधी तकनीकें माइक्रोस्कोपिक पहचान का विकल्प हैं। सक्रिय फाइलेरिया संक्रमण के मरीजों के रक्त में फाइलेरियारोधी आईजी जी 4 (Immunoglobulin G 4) का स्तर बढ़ा हुआ रहता है जिसका सामान्य तरीकों से पता लगाया जा सकता है।
[next]
क्या हैं फाइलेरिया के रोकथाम एवं नियंत्रण के उपाय?
फाइलेरिया की मौजूदगी और फैलाव गंभीर चिंता का विषय है जिस पर ध्यान दिये जाने की आवश्यकता है। लेकिन, चूंकि यह बीमारी जानलेवा नहीं है, इसलिए इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अगर फाइलेरिया का इलाज शुरूआती दौर में नहीं किया गया तो इससे गंभीर विकलांगता पैदा हो सकती है। बाद के दौर में प्रभावित अंग को काटकर अलग करना ही एकमात्र उपचार रह जाता है। लंबी अवधि तक प्रभावित होने और बार-बार के संक्रमण से लसीका तंत्र बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो सकता है और पैर में गैंगरीन जैसी गंभीर जटिलता पैदा हो सकती है।

हाथीपांव रोग आमतौर पर नंगे पैर चलने वालों को होता है। इसलिए चप्पल या जूते पहनने से संक्रमण के जोखिम को कम किया जा सकता है। फाइलेरिय संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए डाईएथाइलकार्बामैज़ीन साइट्रेट (Diethylcarbamazine citrate) सबसे प्रचलित औषधि है। यह औषधि फाइलेरिया के कृमियों को अशक्त (paralyse) कर देती है जिसके बाद रक्त की सफेद कोशिकायें उन्हें नष्ट कर देती हैं।

फाइलेरिया ग्रस्त इलाकों में डाईएथाइलकार्बामेजीन साइट्रेट-युक्त नमक का रोजाना उपयोग नए संक्रमणों से बचा सकता है। डाईएथाइलकार्बामेजीन साइट्रेट के अलावा, एलबेंडाज़ोल (Albendazole) ओर आईवरमेक्टिन (Ivermectin) दो अन्य फाइलेरियारोधी औषधियां हैं जिनका उपयोग इस बीमारी के बचाव के लिए किया जा सकता है।

चूंकि यह बीमारी मच्छरों के काटने से फैलती है, इसलिए मच्छरों की जनसंख्या पर प्रभावी नियंत्रण संक्रमण की संभावना को खत्म कर देगा। फाइलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में घरों के अंदर और बाहर कीटनाशकों के इस्तेमाल से मानव आबादी सुरक्षित रह सकती है।

जलीय खरपतवार पिस्टिया लेंसियोलाटा, (Pistia lanceolata) मच्छरों के प्रजनन को बढ़ावा देता है, इसलिए बारिश के मौसम में इस वनस्पति की प्रजाति को भौतिक, रासायनिक या जैविक तरीके से नष्ट कर देना चाहिए। जैविक नियंत्रक जैसे कि मछलियां, कीट, और कवकों (Fungi) का इस्तेमाल करके मच्छरों की जनसंख्या पर नियंत्रण पाया जा सकता है। दुनिया भर में मच्छरों पर नियंत्रण के लिए दो लार्वाभक्षी मछलियों गैंबुसिया एफिनिस (Gambusia affinis) एवं पोइसिलिया, रेटिकुलेटा (Poecilia reticulata) का इस्तेमाल किया जाता है।

बैसिलस स्फेरिकस (Bacillus sphaericus) और बैसिलस थुरिनजियेन्सिस (Bacillus thuringiensis) जैसे जीवाणुओं के जैव-लार्वानाशक रसायनों का इस्तेमाल भी मच्छरों की जनसंख्या पर नियंत्रण के लिए किया जा सकता है। सीलोमोमाइसीस (Coelomomyces), लैजेनिडियम (Lagenidium) तथा मैटाराइज़ियम (Metarhizium) जैसे कवकों और रोमानोमर्मिस कुलिसिवोरैक्स (Romanomermis culcivorax) और रोमानोमर्मिस आयंगराइ (Romanomermis iyengari) का इस्तेमाल भी मच्छरों के प्रजनन को रोकने में किया जा सकता है।

जल में रहने वाले कई कीट जैसे जल बिच्छू, वाटर बोट और वाटर बग आदि मच्छरों के प्राकृतिक शत्रु होते हैं जिनका इस्तेमाल मच्छरों की जनसंख्या पर नियंत्रण के लिए किया जा सकता है। ऐसा पाया गया है कि जल में उगने वाला फर्न एज़ोला पिन्नेटा (Azolla pinnata) धान के खेतों में मच्छरों पर नियंत्रण पाने में कारगर रहा है, क्योंकि यह जल की सतह पर एक मोटी परत बना देता है जिससे मच्छर पानी में अंडे नहीं दे पाते हैं। यह नाइट्रोजन भी संचित करता है जिससे यह जैव उर्वरक का भी काम करता है। इसलिए एजोला पिन्नेटा का इस्तेमाल भी मच्छरों की रोकथाम के लिए किया जाना चाहिए।

मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी तथा मच्छर-रोधी क्रीम का रोजाना इस्तेमाल करना चाहिए।

निष्कर्ष:
अंततः इस निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है कि फाइलेरिया उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय देशों में मच्छरों से फैलने वाली एक बीमारी है जो जानलेवा तो नहीं होती है, लेकिन इसका परिणाम शारीरिक विकृति, गतिशीलता में कमी और लंबी अवधि की विकलांगता के रूप में सामने आता है। इसलिए यह आवश्यक है कि शरीर को विकृति करने वाली इस बीमारी की रोकथाम एवं नियन्त्रण हेतु सभी संभव तरीकों को अपनाया जाए।
-X-X-X-X-X-
-X-X-X-X-X-

लेखक परिचय:

डॉ. अरविंद सिंह वनस्पति विज्ञान विषय से एम.एस-सी. और पी-एच.डी. हैं। आपकी विशेषज्ञता का क्षेत्र पारिस्थितिक विज्ञान है। आप एक समर्पित शोधकर्ता हैं और राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की शोध पत्रिकाओं में अब तक आपके 4 दर्जन से अध‍िक शोधपत्र प्रकाशित हो चुके हैं। खनन गतिविधियों से प्रभावित भूमि का पुनरूत्थान आपके शोध का प्रमुख विषय है। इसके अतिरिक्त आपने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय मुख्य परिसर की वनस्पतियों पर भी अनुसंधान किया है। आपके अंग्रेज़ी में लिखे विज्ञान विषयक आलेख 'Science Log' पर पढ़े जा सकते हैं। आपसे निम्न ईमेल आईडी पर संपर्क किया जा सकता है-
keywords: lymphatic filariasis symptoms in hindi, lymphatic filariasis pictures, lymphatic filariasis treatment in hindi, lymphatic filariasis life cycle, lymphatic filariasis history in hindi, lymphatic filariasis diagnosis in hindi, lymphatic filariasis prognosis in hindi, lymphatic filariasis spread in hindi, economic burden lymphatic filariasis in india, lymphatic filariasis in india epidemiology control measures in hindi, lymphatic filariasis elephantiasis in hindi, lymphatic filariasis national in hindi, lymphatic filariasis development in hindi, status of lymphatic filariasis in hindi, filariasis treatment in india, lymphatic filariasis prevention in hindi

COMMENTS

BLOGGER: 2
Loading...
नाम

अंतरिक्ष युद्ध,1,अंतर्राष्‍ट्रीय ब्‍लॉगर सम्‍मेलन,1,अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी ब्लॉगर सम्मेलन-2012,1,अतिथि लेखक,2,अन्‍तर्राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन,1,आजीवन सदस्यता विजेता,1,आटिज्‍म,1,आदिम जनजाति,1,इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी,1,इग्‍नू,1,इच्छा मृत्यु,1,इलेक्ट्रानिकी आपके लिए,1,इलैक्ट्रिक करेंट,1,ईको फ्रैंडली पटाखे,1,एंटी वेनम,2,एक्सोलोटल लार्वा,1,एड्स अनुदान,1,एड्स का खेल,1,एन सी एस टी सी,1,कवक,1,किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज,1,कृत्रिम मांस,1,कृत्रिम वर्षा,1,कैलाश वाजपेयी,1,कोबरा,1,कौमार्य की चाहत,1,क्‍लाउड सीडिंग,1,क्षेत्रीय भाषाओं में विज्ञान कथा लेखन,9,खगोल विज्ञान,2,खाद्य पदार्थों की तासीर,1,खाप पंचायत,1,गुफा मानव,1,ग्रीन हाउस गैस,1,चित्र पहेली,201,चीतल,1,चोलानाईकल,1,जन भागीदारी,4,जनसंख्‍या और खाद्यान्‍न समस्‍या,1,जहाँ डॉक्टर न हो,1,जादुई गणित,1,जितेन्‍द्र चौधरी जीतू,1,जी0 एम0 फ़सलें,1,जीवन की खोज,1,जेनेटिक फसलों के दुष्‍प्रभाव,1,जॉय एडम्सन,1,ज्योतिर्विज्ञान,1,ज्योतिष,1,ज्योतिष और विज्ञान,1,ठण्‍ड का आनंद,1,डॉ0 मनोज पटैरिया,1,तस्‍लीम विज्ञान गौरव सम्‍मान,1,द लिविंग फ्लेम,1,दकियानूसी सोच,1,दि इंटरप्रिटेशन ऑफ ड्रीम्स,1,दिल और दिमाग,1,दिव्य शक्ति,1,दुआ-तावीज,2,दैनिक जागरण,1,धुम्रपान निषेध,1,नई पहल,1,नारायण बारेठ,1,नारीवाद,3,निस्‍केयर,1,पटाखों से जलने पर क्‍या करें,1,पर्यावरण और हम,9,पीपुल्‍स समाचार,1,पुनर्जन्म,1,पृथ्‍वी दिवस,1,प्‍यार और मस्तिष्‍क,1,प्रकृति और हम,12,प्रदूषण,1,प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड,1,प्‍लांट हेल्‍थ क्‍लीनिक,1,प्लाज्मा,1,प्लेटलेटस,1,बचपन,1,बलात्‍कार और समाज,1,बाल साहित्‍य में नवलेखन,2,बाल सुरक्षा,1,बी0 प्रेमानन्‍द,5,बीबीसी,1,बैक्‍टीरिया,1,बॉडी स्कैनर,1,ब्रह्माण्‍ड में जीवन,1,ब्लॉग चर्चा,4,ब्‍लॉग्‍स इन मीडिया,1,भंते बुद्ध प्रकाश,1,भारत के महान वैज्ञानिक हरगोविंद खुराना,1,भारत डोगरा,1,भारत सरकार छात्रवृत्ति योजना,1,मंत्रों की अलौकिक शक्ति,1,मनु स्मृति,1,मनोज कुमार पाण्‍डेय,1,मलेरिया की औषधि,1,महाभारत,1,महामहिम राज्‍यपाल जी श्री राम नरेश यादव,1,महाविस्फोट,1,मानवजनित प्रदूषण,1,मिलावटी खून,1,मेरा पन्‍ना,1,युग दधीचि,1,यौन उत्पीड़न,1,यौन रोग,1,यौन शिक्षा,2,यौन शोषण,1,रंगों की फुहार,1,रक्त,1,राष्ट्रीय पक्षी मोर,1,रूहानी ताकत,1,रेड-व्हाइट ब्लड सेल्स,1,लाइट हाउस,1,लोकार्पण समारोह,1,विज्ञान कथा,1,विज्ञान दिवस,2,विज्ञान संचार,1,विश्व एड्स दिवस,1,विषाणु,1,वैज्ञानिक मनोवृत्ति,1,शाकाहार/मांसाहार,1,शिवम मिश्र,1,संदीप,1,सगोत्र विवाह के फायदे,1,सत्य साईं बाबा,1,समगोत्री विवाह,1,समाचार पत्रों में ब्‍लॉगर सम्‍मेलन,1,समाज और हम,14,समुद्र मंथन,1,सर्प दंश,2,सर्प संसार,1,सर्वबाधा निवारण यंत्र,1,सर्वाधिक प्रदूशित शहर,1,सल्फाइड,1,सांप,1,सांप झाड़ने का मंत्र,1,साइंस ब्‍लॉगिंग कार्यशाला,10,साइक्लिंग का महत्‍व,1,सामाजिक चेतना,1,सुपर ह्यूमन,1,सुरक्षित दीपावली,1,सूत्रकृमि,1,सूर्य ग्रहण,1,स्‍कूल,1,स्टार वार,1,स्टीरॉयड,1,स्‍वाइन फ्लू,2,स्वास्थ्य चेतना,15,हठयोग,1,होलिका दहन,1,‍होली की मस्‍ती,1,Abhishap,4,abraham t kovoor,7,Agriculture,7,AISECT,11,Ank Vidhya,1,antibiotics,1,antivenom,3,apj,5,arshia science fiction,1,AS,26,B. Premanand,6,Bal Kahani Lekhan Karyashala,1,Balsahitya men Navlekhan,2,Bhante Budhh Prakash,1,Bharat Dogra,1,Bhoot Pret,7,Blogging,1,Bobs Award 2013,2,Books,55,Born Free,1,Bushra Alvera,1,Butterfly Fish,1,Chaetodon Auriga,1,Challenges,9,Chamatkar,1,Child Crisis,4,Children Science Fiction,1,current,1,D S Research Centre,1,DDM,4,dinesh-mishra,2,Discount Coupon,1,DM,4,Dr. Prashant Arya,1,dream analysis,1,Duwa taveez,1,Duwa-taveez,1,Earth,41,Earth Day,1,eco friendly crackers,1,Education,3,Electric Curent,1,electricfish,1,Elsa,1,English Article,1,Environment,29,Featured,5,flehmen response,1,Gansh Utsav,1,Government Scholarships,1,Great Indian Scientist Hargobind Khorana,1,Green House effect,1,Guest Article,6,Hast Rekha,1,Hathyog,1,Health,60,Health and Food,2,Health and Medicine,1,Healthy Foods,2,Hindi Vibhag,1,human,1,Human behavior,4,humancurrent,1,IBC,5,Indira Gandhi Rajbhasha Puraskar,1,International Bloggers Conference,5,Invention,8,Irfan Hyuman,1,jacobson organ,1,Jadu Tona,3,Joy Adamson,1,julian assange,1,jyotirvigyan,1,Jyotish,11,Kaal Sarp Dosha Mantra,1,Kaal Sarp Yog Remady,1,Kranti Trivedi Smrati Diwas,1,lady wonder horse,1,Lal Kitab,1,Legends,13,life,2,Love at first site,1,Lucknow University,1,Magic Tricks in Hindi,8,magic-tricks,9,malaria mosquito,1,malaria prevention,1,man and electric,1,Manjit Singh Boparai,1,mansik bhram,1,media coverage,1,Meditation,1,Mental disease,1,MK,3,MMG,3,MS,2,mystery,1,Myth and Science,1,Nai Pahel,8,National Book Trust,3,Natural therapy,1,NCSTC,2,New Technology,3,NKG,30,Nobel Prize,5,Nuclear Energy,1,Nuclear Reactor,1,OPK,2,Opportunity,7,Otizm,1,paradise fish,1,personality development,4,PK,11,Plant health clinic,1,Power of Tantra-mantra,1,psychology of domestic violence,1,Punarjanm,1,Putra Prapti Mantra,1,Rajiv Gandhi Rashtriya Gyan Vigyan Puraskar,1,Report,9,Researches,2,SBWG,3,SBWR,5,SBWS,3,science blogging workshop,22,Science Blogs,1,Science communication,6,Science Communication Through Blog Writing,7,Science Fiction,7,Science Fiction Articles,6,Science Fiction Books,5,Science Fiction Conference,8,Science Fiction Writing in Regional Languages,11,Science Times News and Views,2,science-books,1,science-puzzle,44,Scientific Awareness,4,Scientist,30,SD,4,secret of happiness,1,secret of success,1,secrets of octopus paul,1,Sex Diseases,1,Sexpower,1,sexual harassment,1,shirish-khare,4,SKS,11,Social Challenge,1,Solar Eclipse,1,Steroid,1,Succesfull Treatment of Cancer,1,superpowers,1,Superstitions,48,Tantra-mantra,20,Tarak Bharti Prakashan,1,The interpretation of dreams,2,Tona Totka,3,travel,1,tsaliim,9,Universe,20,Vigyan Prasar,30,Vishnu Prashad Chaturvedi,1,VPC,4,Washikaran Mantra,1,Where There is No Doctor,1,wikileaks,1,wildlife,11,zakir science fiction,1,
ltr
item
Scientific World: संक्रामक बीमारी फाइलेरियाः लक्षण्, बचाव और उपचार
संक्रामक बीमारी फाइलेरियाः लक्षण्, बचाव और उपचार
Lymphatic Filariasis: Symptoms, Prevention and Treatment in Hindi
https://4.bp.blogspot.com/-nYuiIqXpFLg/VoM3kjLJqxI/AAAAAAAAIV8/nxO0q3RCNE8/s1600/Lymphatic%2BFilariasis.jpg
https://4.bp.blogspot.com/-nYuiIqXpFLg/VoM3kjLJqxI/AAAAAAAAIV8/nxO0q3RCNE8/s72-c/Lymphatic%2BFilariasis.jpg
Scientific World
http://www.scientificworld.in/2016/03/lymphatic-filariasis-hindi.html
http://www.scientificworld.in/
http://www.scientificworld.in/
http://www.scientificworld.in/2016/03/lymphatic-filariasis-hindi.html
true
3850451451784414859
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS CONTENT IS PREMIUM Please share to unlock Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy